सरकारी लोन योजनाएं नवोदित उद्यमियों की सफलता के बेहतरीन साधन! पढ़ें समझेंं एवं लाभ उठाएं !!

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सरकारी लोन योजनाएं नवोदित उद्यमियों की सफलता के बेहतरीन साधन! पढ़ें समझेंं एवं लाभ उठाएं !!

भारत सरकार द्वारा नवोदित उद्यमियों को विभिन्न प्रकार के सरकारी लोन एवं अनुदान उपलब्ध कराए जा रहे हैं।

ये प्रमुख रूप से सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यमों हेतु किसी विशेष स्थिति के लिए सबसे ज्यादा उपयुक्त होते हैं।

बैंकों और एनबीएफसी सहित किसी भी अधिकृत वित्तीय संस्थानों के माध्यम से आप इन सरकारी लोन योजनाओं का लाभ उठा सकते हैं।

इन योजनाओं का लाभ प्राप्त करने के लिए आप इनकी आधिकारिक वेबसाइट पर भी जा सकते हैं, अथवा इसे लागू करने वाले संबंधित बैंक से भी संपर्क कर सकते हैं।

निःसंदेह इनका लाभ उठाने के लिए आपको एवं आपके उद्यम को पात्रता मानदंडों को पूरा करते हूए इनकी अर्हता प्राप्त करने की जरूरत होगी।

इस लेख में प्रस्तुत है कुछ लोकप्रिय सरकारी लोन के संबंध में आवश्यक जानकारी समझें एवं लाभ उठाएं।

प्रधान मंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम (PMEGP)
पीएमईजीपी

इस कार्यक्रम का उद्देश्य गैर-कृषि क्षेत्र में सूक्ष्म उद्यमों  के द्वारा देश के बेरोजगार युवाओं और पारंपरिक कारीगरों को स्वरोजगार के अवसर उत्पन्न करना है।

प्रधान मंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम के लिए (KVIC) केव्हीआईसी खादी विलेज एंड इंडस्ट्रीज राष्ट्रीय स्तर पर नोडल एजेंसी के रूप में कार्य करती है।

राज्य स्तर पर, यह योजना राज्य KVIC निदेशालय
जिला उद्योग केंद्र (DIC),  राज्य खादी और ग्रामोद्योग बोर्ड (KVIB) एवं  बैंकों के माध्यम से कार्यान्वित की जाती है।

इस सरकारी लोन के तहत, केवीआईसी सरकार द्वारा उद्यमियों या लाभार्थियों को सीधे उनके बैंक खातों में वितरण के लिए नामित बैंकों के द्वारा सब्सिडी देता है।

पात्रता

18 वर्ष से अधिक आयु के नवयुवक जो कम से कम आठवीं कक्षा पास हों, इस योजना का लाभ प्राप्त करने हेतु पात्र हैं।

स्वयं सहायता समूह, संस्थाएँ पंजीकरण अधिनियम, 1860 के तहत पंजीकृत, उत्पादन-आधारित सहकारी समितियाँ, और धर्मार्थ ट्रस्ट भी इस ऋण हेतु पात्र हैं।

भारत सरकार या राज्य सरकार की किसी अन्य योजना के तहत जिन इकाइयों ने पहले सरकारी सब्सिडी का लाभ उठाया है, वे  इस योजना के लिए पात्र नहीं हैं।

इस सरकारी ऋण योजना के तहत केवल नई परियोजनाओं को प्रारंभ करने हेतु मंजूरी दी जाती है।

ऋण राशि एवं अनुदान

विनिर्माण क्षेत्र में स्वीकार्य परियोजना या इकाई की अधिकतम लागत ₹ 25 लाख तथा व्यवसाय या सेवा क्षेत्र के लिए ₹10 लाख  की सहायता प्रदान की जाती है।

सामान्य लाभार्थियों को मार्जिन मनी स्वीकृत ऋण राशि का 10% एवं विशेष वर्ग के लाभार्थी को 5% देना है।

शहरी क्षेत्रों के सामान्य लाभार्थियों को सहायता अनुदान स्वीकृत ऋण का 15% तथा विशेष वर्ग के लाभार्थियों को 25% दिया जाता है।

ग्रामीण क्षेत्रों के सामान्य लाभार्थियों को सहायता अनुदान स्वीकृत ऋण का 25% तथा विशेष वर्ग के लाभार्थियों को 35% दिया जाता है।

विशेष लाभार्थियों में एससी / एसटी / ओबीसी / महिला/ अल्पसंख्यक/ भूतपूर्व सैनिक, विकलांग,  एनईआर, पहाड़ी और सीमा क्षेत्र, आदि लोगों का समावेश है।

कुल परियोजना लागत की शेष राशि बैंकों द्वारा सावधि ऋण कार्यशील पूंजी के रूप में प्रदान की जाती है।

विभिन्न वित्तीय संस्थानों से PMEGP योजना के तहत दी जाने वाली ब्याज दर और सब्सिडी की राशि बैंक से बैंक भिन्न-भिन्न होती है।

यह आवेदक की प्रोफ़ाइल, व्यावसायिक स्थिरता और परियोजना लागत पर निर्धारित की जाती है।

आवेदन कैसे करें।

केव्हीआईबी और संबंधित राज्यों के उद्योगों के निदेशक (डीआईसी के लिए) केवीआईसी के राज्य / मंडल के निदेशक स्थानीय रूप से प्रिंट और इलेक्ट्रॉनिक मीडिया के माध्यम से विज्ञापन देंगे

एवं परियोजना के संभावित लाभार्थियों से परियोजना प्रस्तावों के साथ आवेदन आमंत्रित करेंगे।

PMEGP के तहत सेवा इकाइयाँ लाभार्थी अपना आवेदन ऑनलाइन https://www.kviconline.gov.in/pmegpeportal/pmegphome/index.jsp पर

भी जमा कर सकते हैं एवं आवेदन का प्रिंटआउट भी ले सकते हैं ।

तथा संबंधित परियोजना रिपोर्ट और अन्य आवश्यक दस्तावेज़ के साथ संबंधित कार्यालयों में जमा कर सकते हैं ।

विस्तृत जानकारी हेतु निम्न लेख पढ़ेंं।

प्रधानमंत्री रोजगार सृजन योजना लाभ उठाएं ! खुद का बिजनेस करें,  

मुद्रा लोन

प्रधान मंत्री मुद्रा योजना (PMMY) भारत सरकार द्वारा शुरू की गई बहुत लोकप्रिय सरकारी लोन योजना है।

मुद्रा ऋण लगभग देश के सभी बैंकों द्वारा अति-छोटे (सूक्ष्म) छोटे और मध्यम व्यवसायों एमएसएमईज को दिया गया एक फंड है।

इस सरकारी लोन योजना के तहत, न्यूनतम 50,000 रु. और अधिकतम 10 लाख प्रदान किए जाते हैं।

इस ऋण योजना की शिशु, किशोर और तरुण के नाम से तीन श्रेणियाँ बनाई गई हैं।

मुद्रा लोन योजना के माध्यम से, सरकार नए एवं मौजूदा उद्यमियों को आवश्यक फंड उपलब्ध कराती है।

आसान फंडिंग की सुविधा, एमयूडीआरए MUDRA कार्ड के साथ। यह कार्ड आपको अपने MUDRA ऋण खाते के डेबिट कार्ड की तरह दिया जाता है।

अधिक जानकारी के लिए पढें।

प्रधानमंत्री मुद्रा योजना PMMY(पीएमएमवाई) क्या है ?

59 मिनट में स्टार्टअप के लिए MSME बिजनेस लोन

यह सरकारी लोन योजना भारत सरकार द्वारा मौजूदा एमएसएमई को सस्ती दरों पर व्यवसाय ऋण सुविधा प्रदान करने के लिए सितंबर 2018 में लॉन्च की गई है।

59 मिनट में स्टार्टअप के लिए MSME बिजनेस लोन
का उद्देश्य उद्यमियों को त्वरित, संपर्क रहित व्यापार ऋण उपलब्ध कराना है।

वित्तीय सहायता में शीघ्रता लाने के उद्देश्य से इसे शुरू किया गया है।

इस ऑनलाइन पोर्टल पर एमएसएमई के लिए ऋणों का प्रसंस्करण पूरी तरह से स्वचालित एवं सुपर त्वरित एवं न्युनतम प्रलेखन के साथ उपलब्ध है।

लोन मंजूरी की प्रक्रिया सिर्फ 59 मिनट में पूरी हो जाती है।

ऋण की पात्रता

कोई भी मौजूदा उद्यमी या एमएसएमई जो व्यावसायिक ऋण (टर्म लोन / वर्किंग कैपिटल लोन) के लिए आवेदन करना चाहता है, सैद्धांतिक मंजूरी के योग्य है।

इस सरकारी लोन के तहत ऋण राशि ₹ 1 लाख और अधिकतम ₹ 5 करोड़ के बीच स्वीकृत होगी। जिसकी ब्याज दर 8.50% है

एक घंटे में ऋण स्वीकृती के बाद, आप 7-8 कार्य दिवसों में अपने बैंक खाते में धन पहुंचने की उम्मीद कर सकते हैं।

ऋण प्राप्त करने के लिए आपको इसकी अधिकृत वेबसाइट पर आवेदन करना होता है। जो इस तरह है।

https://www.psbloansin59minutes.com

इस पोर्टल पर अपने मोबाइल नंबर एवं ईमेल के द्वारा स्वयं को रजिस्टर करें।

रजिस्ट्रेशन के बाद बिजनेस लोन सेक्शन में जाएं। संबंधित लोन का चयन कर मांगी गई जानकारी भरें।

आवेदन के समय बैंक का नाम बताना होगा जिससे ऋण प्राप्त करना चाहते हैं।

व्यवसाय ऋण पात्रता एक कंपनी द्वारा निर्धारित की जाती है।

जो आपके व्यवसाय से उत्पन्न राजस्व, व्यवसाय की चुकौती क्षमता, मौजूदा और पिछले क्रेडिट इतिहास की जांच पर आधारित होती है।

मौजूदा व्यवसायी जो जीएसटी, एवं इनकम टैक्स नियमों का अनुपालन कर रहे हैं योजना के लिए पात्र हैं। उन्हें छह महीने का नवीनतम बैंक स्टेटमेंट प्रस्तुत करना होगा।

ऑनलाइन पोर्टल सीधे माइक्रो और स्मॉल एंटरप्राइजेज (CGTMSE) योजना के लिए क्रेडिट गारंटी फंड ट्रस्ट से जुड़ा हुआ है।

इसलिए ऋण प्राप्त करने के लिए, संपार्श्विक की जरूरत नहीं होती है।

एक बार जब आप इस प्रक्रिया को पूरा कर लेते हैं और सत्यापन बैंक के अंत से किया जाता है, तो ऋण राशि सीधे उस बैंक खाते में जमा की जाएगी जो आपने आवेदन प्रक्रिया के दौरान प्रदान की थी।

आप बैंक या वित्तीय संस्थान की निकटतम शाखा का दौरा भी कर सकते हैं जो आपको ऋण आवेदन प्रक्रिया के बारे में मार्गदर्शन करेगा।

कुछ ऋणदाता आपको अपनी संबंधित वेबसाइट पर ऑनलाइन व्यापार ऋण के लिए आवेदन करने की अनुमति भी दे सकते हैं।

आप उनकी वेबसाइट पर जा सकते हैं, दिए गए आवेदन पत्र को भर सकते हैं, संबंधित दस्तावेजों को अपलोड कर सकते हैं और जमा कर सकते हैं।

क्रेडिट गारंटी फंड सरकारी व्यवसाय ऋण योजना

छोटे एवं लघु उद्योगों (एमएसएमई) की ऋण वितरण प्रणाली को मजबूत और सुविधाजनक बनाने के लिए सरकार ने सीजीटीएमएसई (CGTMSE) सूक्ष्म और लघु उद्यम क्रेडिट गारंटी फंड ट्रस्ट  शुरू किया है।

भारत सरकार और SIDBI इस सरकारी लोन योजना के कोष में योगदान करते हैं।

सार्वजनिक, निजी और विदेशी बैंकों के साथ-साथ क्षेत्रीय ग्रामीण बैंकों (आरआरबी) और एसबीआई अपने सहयोगी बैंकों के साथ इस योजना के तहत उधार देने वाले संस्थानों में शामिल हैं।

यह योजना सूक्ष्म और लघु उद्यम क्षेत्र के उद्योगों को बिना किसी तीसरे पक्ष की गारंटी एवं संपार्श्विक-मुक्त ऋण देने के इरादे से शुरू की गई है।

नए एवं मौजूदा उद्यमी, विनिर्माण या सेवा गतिविधियों में लगे एमएसएमई, प्रशिक्षण संस्थान इस सरकारी लोन योजना के लिए पात्र हैं।

स्वीकृत ऋण राशि

एमएसएमई की इस योजना में उद्यमियों के लिए टर्म लोन और कार्यशील पूंजी सुविधा प्रति इकाई राशि ₹ 2करोड़ तक उपलब्ध कराई जाती है।

प्रदान किया गया गारंटी कवर ₹ 1.5 करोड़ तक क्रेडिट सुविधा का 75% तक राशि के लिए है।

सूक्ष्म उद्यमों के लिए ₹ 5 लाख ऋण सुविधा का 85% तक प्रदान की जाती है

एमएसएमई के लिए 80% क्रेडिट सुविधा महिलाओं के लिए सिक्किम सहित उत्तर पूर्वी क्षेत्र के सभी ऋण हैं

एमएसएमई रिटेल ट्रेड के लिए, गारंटी कवर डिफ़ॉल्ट रूप से राशि का 50%, अधिकतम राशि ₹50 लाख है।

क्रेडिट गारंटी गारंटी शुल्क के भुगतान की तारीख से शुरू होगी और टर्म लोन / कंपोजिट लोन के मामले में टर्म क्रेडिट के सहमत कार्यकाल के माध्यम से चलेगी ।

जहां केवल कार्यशील पूंजी सुविधा प्रदान की गई है, वहां गारंटी ट्रस्ट द्वारा निर्दिष्ट की गई अवधि के ,अथवा पांच साल की अवधि के लिए।

एमएसएमई के लिए 80% क्रेडिट सुविधा महिलाओं के स्वामित्व में / संचालित है और सिक्किम सहित एनईआर को सभी ऋण

सूक्ष्म लघु एवं मध्यम उद्योगों  के लिए सिडबी मेक इन इंडिया सॉफ्ट लोन फंड (SMILE) स्माइल योजना

सिडबी मेक इन इंडिया लोन फॉर एंटरप्राइजेज SMILE सरकारी लोन योजना वर्ष 2015 में शुरू की गई।

25 चयनित क्षेत्रों में लगे MSME को भारत सरकार द्वारा शुरू किए गए ‘मेक इन इंडिया’ अभियान के हिस्से के रूप में प्रतिस्पर्धी ब्याज दरों पर वित्तीय सहायता मिलेगी।

ऋण राशि आपके बैंक खाते में त्वरित भेज दी जाएगी।

इस सरकारी लोन योजना को एमएसएमई के लिए सर्वोत्तम बुनियादी ढांचे का निर्माण करने के लिए डिज़ाइन किया गया है।

यह नवाचार को बढ़ावा देने, निवेश को सुविधाजनक बनाने, बौद्धिक संपदा की रक्षा करने, कौशल विकास को बढ़ाने में मददगार है।

SMILE योजना का संचालन लघु उद्योग विकास बैंक ऑफ इंडिया (सिडबी) द्वारा किया जाता है।

इस योजना का उद्देश्य नए एमएसएमई की स्थापना के लिए आवश्यक ऋण-इक्विटी अनुपात को पूरा करने के लिए है।

विनिर्माण के साथ-साथ सेवा क्षेत्र में नए उद्यम इस सरकारी लोन योजना के लिए आवेदन कर सकते हैं।

मौजूदा उद्यमी अपने उद्यमों के विस्तार, आधुनिकीकरण, प्रौद्योगिकी उन्नयन, या उनके व्यवसाय को बढ़ाने के लिए अन्य परियोजनाओं हेतु साफ्ट लोन प्राप्त कर सकते हैं ।

एसएमईएल योजना के तहत दी जाने वाली ब्याज दर 8.36% है। ऋण की अधिकतम चुकौती अवधि 10 वर्ष है जिसमें 36 महीने की अधिस्थगन अवधि है।

स्वीकृत ऋण राशि

सामान्य श्रेणी के उद्यमी को परियोजना लागत का 10%, अधिकतम ₹ 20 लाख ऋण राशि के रूप में प्रदान किया जाता है।

अनुसूचित जाति (SC) / अनुसूचित जनजाति (ST) / विकलांग व्यक्तियों (PwD) और महिलाओं द्वारा पदोन्नत उद्यमों के लिए 15%, अधिकतम ₹ 30 लाख
प्रदान की जाती है।

इन श्रेणियों से संबंधित हितग्राहियों के पास योजना का लाभ लेने हेतु 51% या अधिक हिस्सेदारी होनी चाहिए।

सॉफ्ट लोन को पहली संवितरण की तारीख से तीन साल की समाप्ति पर, बकाया राशि के साथ, एक सुरक्षित टर्म लोन में बदल दिया जाता है।

उधारकर्ता के पूरे ऋण पर आंतरिक रेटिंग के अनुसार ब्याज की एक दर लागू हो जाती है। पुनर्भुगतान की अवधि आम तौर पर सात साल तक की होती है।

इसमें टर्म लोन के लिए डेढ़ साल तक की मोहलत और सॉफ्ट लोन के लिए दो साल तक की अवधि शामिल होती है।

स्टैंड-अप इंडिया

स्टैंड-अप इंडिया योजना देश में लघु उद्योग विकास बैंक (सिडबी) द्वारा ग्रीनफील्ड उद्यम स्थापित करने के उद्देश्य से अप्रैल 2016 से शुरू है।

इसे अनुसूचित जाति / अनुसूचित जनजाति वर्ग तथा महिला उद्यमियों को वित्तीय सहायता उपलब्ध कराने के लिए प्रारंभ किया गया है।

गैर-व्यक्तिगत उद्यमों के प्रकरण में एससी / एसटी और / या महिला उद्यमी की हिस्सेदारी और नियंत्रण  51% से    अधिक होना चाहिए।

उधारकर्ता की आयु 18 वर्ष से अधिक हो एवं वह किसी  बैंक या वित्तीय संस्थान का डिफ़ॉल्टर नहीं होना चाहिए।

योजना में राशि ₹10 लाख से राशि ₹ 1करोड़ तक बैंक ऋण मंजूर किए जाते हैं

व्यापार, विनिर्माण या सेवा क्षेत्रों के उद्यमी इस योजना के अंतर्गत ऋण लेने हेतु पात्र हैं।

मार्जिन 25% मार्जिन, जो योग्य केंद्रीय / राज्य योजनाओं के साथ अभिसरण में प्रदान किया जा सकता है। उधारकर्ता को परियोजना लागत का न्यूनतम 10% स्वयं के योगदान के रूप में लाना होगा।

7 साल में जिसमें अधिकतम 18 महीने की अधिस्थगन अवधि होगी  कम्पोजिट ऋण को  चुकाना होगा।

एमएसएमई नीति के अनुसार ब्याज की दर लागू होगी। यह  MCLR + 3% से अधिक नहीं होगी।

यदि सिक्योरिटी के रूप में दी गई संपत्तियां उधारकर्ता के अलावा किसी व्यक्ति (यों) के नाम पर हों, तो ऐसे सभी मालिकों / सह-मालिकों की व्यक्तिगत गारंटी प्राप्त की जाएगी।

मौजूदा दिशानिर्देशों के अनुसार, एकल स्वामित्व वाली फर्मों के मामले में पत्नी / प्रमुख पुत्र (ओं) की गारंटी और कंपनियों के मामले में, कंपनी के निदेशकों की गारंटी प्राप्त की जावेगी।

क्रेडिट लिंक्ड कैपिटल सब्सिडी स्कीम (CLCSS)

प्रौद्योगिकी उन्नयन के लिए क्रेडिट लिंक्ड कैपिटल सब्सिडी योजना एमएसएमई  मंत्रालय के विकास आयुक्त कार्यालय द्वारा संचालित है।

यह सरकारी लोन योजना एमएसएमई मंत्रालय ने विशेष रूप से ग्रामीण और अर्ध-शहरी क्षेत्रों हेतु शुरू की है।

छोटी इकाईयां, खादी, गाँव और कॉयर औद्योगिक इकाइयों भी योजना में शामिल हैं।  यह योजना पात्र मशीनरी में निवेश पर 15% अनुदान प्रदान करती है।

स्टार्टअप एवं मौजूदा लघु उद्योग (एसएसआई)  राज्य के उद्योग निदेशालय के साथ पंजीकृत होना चाहिये।

जिन्होंने अपने मौजूदा संयंत्र और मशीनरी को नवीनतम, अत्याधुनिक तकनीक के साथ या बिना विस्तार के उन्नत किया है।

ऐसी इकाइयाँ जो शासी और प्रौद्योगिकी अनुमोदन बोर्ड (जीटीएबी),  तकनीकी उपसमिति (टीएससी) द्वारा विधिवत अनुमोदित, योग्य और सिद्ध प्रौद्योगिकी का उपयोग करती हैं।

स्वीकृत ऋण राशि

योजना के अंतर्गत स्टार्टअप्स के लिए व्यावसायिक ऋणों की सीमा ₹ 40 लाख से ₹ 1 करोड़ तक बढ़ा दी गई है ।

सब्सिडी की दर 12% से बढ़ाकर 15% कर दी गई है।

लाभार्थी इकाई को दिए गए टर्म लोन के बजाय, संयंत्र और मशीनरी के खरीद मूल्य के संदर्भ में स्वीकार्य पूंजीगत सब्सिडी की गणना की जाती है।

राष्ट्रीय लघु उद्योग निगम (NSIC) की सब्सिडी

राष्ट्रीय लघु उद्योग निगम सब्सिडी (NSICS) के तहत छोटे व्यवसायों को सहायता प्रदान करती है।

इसके तहत सरकार द्वारा विपणन सहायता एवं कच्चा माल सहायता दो तरह के वित्तीय लाभ उपलब्ध कराए जाते हैं।

ये  लाभ इस तरह हैं

1.  लागत-मुक्त निविदाएँ: विपणन सहायता कार्यक्रम के तहत, लघु उद्योग (SSI) को बिना किसी लागत के निविदाओं तक पहुँच प्राप्त होगी।

उन्हें किसी भी सुरक्षा जमा की आवश्यकता नहीं होगी। एसएसआई (लघु उद्योग) को वित्त पोषण के लिए सुरक्षा जमा का भुगतान करने से छूट दी गई है।

2. भूमि और भवन वित्तपोषण: एसएसआई इकाइयों के लिए भूमि और भवन के लिए एक वित्तीय सुविधा परियोजना लागत ₹ 25 लाख से अधिक न हो प्रदान की जाती है।

एंड टू एंड एनर्जी एफिशिएंसी (4 ई )

उद्यमियों के लिए यह एमएसएमई सरकारी लोन योजना वर्ल्ड बैंक के सहयोग से भारत एसएमई टेक्नोलॉजी सर्विसेज  (ISTSL) द्वारा संयुक्त रूप से शुरू की गई है।

मुख्य उद्देश्य भारतीय उद्योगों में ऊर्जा दक्षता उपायों को अंत-से-अंत के आधार पर लागू करना है।  इसके अलावा, इसका उद्देश्य सेकेंड-हैंड मशीनरी / उपकरण की स्टार्टअप खरीद में मदद करना है।

इस योजना के अंतर्गत स्टार्टअप्स के लिए व्यावसायिक ऋण आंशिक लागतों को पूरा करते हैं:

उपकरण / मशीनरी, स्थापना, सिविल कार्य, कमीशन, आदि की खरीद के लिए पूंजीगत व्यय  यूनिट द्वारा आवश्यक किसी भी अन्य संबंधित व्यय, बशर्ते यह पूंजीगत व्यय का 50% से अधिक न हो।

पात्रता

विनिर्माण या सेवा क्षेत्र में कार्यरत एमएसएमइ  स्टार्टअप जो कम से कम तीन वर्षों से काम कर रहे हैं, एवं पिछले दो वर्षों में नकद लाभ अर्जित किया है, ऋण के लिए पात्र हैं।

स्टार्टअप किसी भी बैंक / वित्तीय संस्थानों के साथ डिफ़ॉल्ट रूप से नहीं होना चाहिए

तकनीकी एजेंसी / सलाहकार द्वारा तैयार की गई विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) को ऊर्जा दक्षता प्रकोष्ठ (ईईसी), सिडबी द्वारा संरक्षित किया जाना चाहिए।

ऋण राशि

₹ 10 लाख की न्यूनतम ऋण राशि के साथ परियोजना लागत का 90% तक और पात्र उधारकर्ता प्रति ₹ 150 लाख से अधिक नहीं होने वाली अधिकतम ऋण राशि इस योजना के तहत दी जा सकती है।

योग्य ऋण राशि आवेदक इकाई के कुल कारोबार के एक-पांचवें हिस्से से अधिक नहीं होनी चाहिए।

समय अवधि: छह महीने तक की प्रारंभिक अधिस्थगन अवधि सहित चुकौती अवधि, INR 100 लाख तक के ऋणों के लिए 36 महीने से अधिक नहीं होगी और INR 100 लाख से परे ऋणों के लिए 60 महीने होगी।

बैंक क्रेडिट सुविधा योजना

राष्ट्रीय लघु उद्योग निगम एनएसआईसी की इस योजना का उद्देश्य सूक्ष्म लघु एवं मध्यम इकाइयों की क्रेडिट आवश्यकताओं को पूरा करना है।

इसके लिए एनएसआईसी ने विभिन्न राष्ट्रीयकृत और निजी क्षेत्र के बैंकों के साथ समझौता ज्ञापन किया है।

इन बैंकों के साथ सिंडिकेशन के द्वारा, एनएसआईसी  एमएसएमईज को बिना किसी लागत के बैंकों से क्रेडिट सपोर्ट की व्यवस्था करता है।

ऋण कार्यशील पूंजी और सावधि ऋण के रूप में प्रदान किया जाता है।

स्टार्टअप से प्राप्त होने वाली आय के आधार पर ऋण वापिसी का समय भिन्न भिन्न होता है।

आम तौर पर यह पांच से सात साल तक होता है।  परंतु  असाधारण मामलों में, यह 11 साल तक जा सकता है।

कॉयर उद्यमी योजना

यह  सरकारी लोन योजना कॉयर बोर्ड द्वारा संचालित है।

कॉयर उद्योग (पंजीकरण) नियम, 2008 के तहत कॉयर बोर्ड के साथ पंजीकृत सभी कॉयर प्रसंस्करण एमएसएमई स्टार्टअप इस योजना के लिए पात्र हैं।

इस योजना का उद्देश्य कॉयर इकाइयों की स्थापना का समर्थन करना है।

बैंक नकद ऋण के रूप में कार्यशील पूंजी की आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए सावधि ऋण के रूप में पूंजीगत व्यय का वित्तपोषण करेंगे।

  बैंक द्वारा कैपेक्स और वर्किंग कैपिटल वाले समग्र ऋण के रूप में परियोजनाओं को वित्तपोषित भी किया जा सकता है।

योजना की सहायता व्यक्तियों, कंपनियों, स्वयं सहायता समूहों, गैर सरकारी संगठनों, उत्पादन सहकारी समितियों, संयुक्त देयता समूहों और धर्मार्थ ट्रस्टों को उपलब्ध कराई जाएगी।

ऐसे स्टार्टअप जो पहले ही भारत सरकार या किसी राज्य सरकार की किसी भी अन्य योजना में सरकारी अनुदान का लाभ ले चुके हैं, वे अनुदान के लिए पात्र नहीं हैं।

बैंक ₹10 लाख की परियोजना लागत का कार्यशील पूंजी का एक चक्र से अधिक का समर्थन करेंगे,  जो परियोजना लागत का 25% से अधिक नहीं होगा।

इसके साथ – साथ यह प्रस्तावित ₹ 10 लाख सीमा के लिए अनन्य होना चाहिए।

40% मार्जिन मनी (सब्सिडी) और लाभार्थियों से 5% के मालिक के योगदान के बाद क्रेडिट की राशि कुल परियोजना लागत का 55% होगी।

सब्सिडी की गणना कार्यशील पूंजी घटक को छोड़कर की जाएगी।

स्टार्टअप्स के लिए व्यावसायिक ऋण के लिए ब्याज की दर आधार दर के बराबर होगी।

एक प्रारंभिक अधिस्थगन के बाद चुकौती अनुसूची सात वर्ष से अधिक की नहीं होगी। जो कि संबंधित बैंक / वित्तीय संस्थान द्वारा निर्धारित की जा सकेगी ।

अटल इन्क्यूबेशन सेंटर (AIC)

अटल इन्क्यूबेशन सेंटर एआईसी योजना नीति आयोग द्वारा वर्ष 2016 में प्रारंभ की गई है।

एआईसी अपनी पूंजी परिचालन लागत को कवर करके उद्यमियों को बढ़ावा देने हेतु एक वित्तपोषण योजना है।

कृषि, जल, स्वच्छता, शिक्षा, स्वास्थ्य, ऊर्जा एवं परिवहन   क्षेत्रों के छात्र, शोधकर्ता या नवगठित संगठन आवेदन कर सकते हैं।

चयन की गई स्टार्टअप इकाई को पांच वर्ष में अवधि में राशि ₹10 करोड़ दिए जाएंगे।

एआईसी सार्वजनिक वित्त पोषित संस्थानों या निजी क्षेत्र के वित्त पोषित संस्थानों या सार्वजनिक-निजी भागीदारी (पीपीपी) मोड में स्थापित किये जा सकते हैं।

आवेदक के पास बुनियादी ढांचे के लिए कम से कम 10,000 वर्ग फुट का स्थान होना जरूरी है।

प्रयोगशाला और कार्यशाला सुविधा, उपयोगिताएं, समर्थन सेवाएं, पूर्व-ऊष्मायन सेवाएं, नेटवर्किंग, सलाह और अन्य सुविधाओं के लिए, छह महीने की अवधि में धन जारी किया जाता है।

योजना का ऑनलाइन लाभ उठाया जा सकता है: http://www.niti.gov.in

(NewGen IEDC) न्यूजेन आइईडीसी

विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग (DST) डीएसटी द्वारा वर्ष 2017 मे (NewGen IEDC) कार्यक्रम प्रारंभ किया गया है।

यह मेंटरशिप, मार्गदर्शन और समर्थन के माध्यम से “ज्ञान-आधारित और प्रौद्योगिकी-संचालित स्टार्ट-अप” को बढ़ावा देता है।

इस कार्यक्रम को भारत के उद्यमिता विकास संस्थान (EDII), अहमदाबाद द्वारा कार्यान्वित किया जाता है।

NewGen IEDCs उन शैक्षणिक संस्थानों में स्थापित किया जता है जहाँ छात्र पाँच साल की अवधि में नवीन परियोजनाओं पर काम कर सकते हैं।

एक बार की लागत ₹ 25 लाख  चरणबद्ध तरीके से दी   जाती है।

संस्थान में एक विश्वविद्यालय / डीम्ड विश्वविद्यालय या एक प्रमुख संस्थान / कॉलेज होना चाहिए।

एवं जहां कम से कम 5 वर्षों के लिए डिग्री स्तर या उससे ऊपर इंजीनियरिंग, प्रौद्योगिकी, विज्ञान पाठ्यक्रम प्रदान करता है।

उन्हें बिजली, पानी, टेलीफोन और इंटरनेट कनेक्टिविटी जैसी बुनियादी सुविधाओं के साथ न्यूजेन IEDC के आवास के लिए लगभग 5000 वर्ग फुट का स्थान प्रदान करना होगा।

MSME मार्केट डेवलपमेंट असिस्टेंस

बाजार विस्तार सहायता के माध्यम से  स्टार्टअप, खुदरा व्यवसायियों कोअंतर्राष्ट्रीय व्यापार मेलों और प्रदर्शनियों में स्टाल लगाने में मदद की जाती है।

सूक्ष्म लघु एवं मध्यम इंटरप्राइज निदेशालय एवं जिला उद्योग केंद्र के साथ पंजीकृत खुदरा व्यवसायी  इस योजना का लाभ अपने कारोबार का विस्तार करने के लिए उठा सकते हैं।

विकास आयुक्त कार्यालय द्वारा योजना, एकमुश्त पंजीकरण शुल्क का 75 प्रतिशत, एवं एकानामी क्लास का  विमान किराया और 50 प्रतिशत अंतरिक्ष किराये का शुल्क प्रतिपूर्ति प्रदान की जाती है।

दुनिया भर में इस तरह के मेलों / प्रदर्शनियों में अपने स्टॉल लगाने की लागत बढ़ सकती है।

महिला उद्यमिता मंच (WEP)

महिला उद्यमिता मंच नीति आयोग द्वारा शुरू किया गया, है। यह पूरे देश की नवोदित और मौजूदा महिला उद्यमियों के लिए है।

इसे तीन प्रकार में विभाजित किया गया है:

इच्छा शक्ति:  इच्छा शक्ति के द्वारा महिला उद्यमियों को अपना व्यवसाय शुरू करने के लिए प्रेरित करना।

ज्ञान शक्ति: ज्ञान और पारिस्थितिकी तंत्र प्रदान करता है

कर्म शक्ति: उद्यमियों को व्यवसाय स्थापित करने या स्केल करने के लिए हाथों पर सहायता प्रदान करती है

स्कीप स्टेज और स्थापित स्टार्टअप में महिलाएं योजना के लिए पंजीकरण कर सकती हैं।

कॉर्पोरेट्स, एनजीओ, संगठन, इनक्यूबेटर भी आवेदन कर सकते हैं बशर्ते कि वे किसी भी रूप में महिलाओं का समर्थन कर रहे हों।

WEP भी महिलाओं द्वारा स्थापित या सह-स्थापित स्टार्टअप्स को ऊष्मायन और त्वरण सहायता प्रदान करता है।

इस योजना में मुफ्त क्रेडिट रेटिंग, मेंटरशिप, महिला उद्यमियों को फंडिंग सहायता, अप्रेंटिसशिप और कॉर्पोरेट साझेदारी जैसे लाभ शामिल होंगे।

  स्व रोजगार ऋण योजनाएँ क्रेडिट लाइन 2 – सूक्ष्म वित्त योजना

राष्ट्रीय अल्पसंख्यक विकास और वित्त निगम (NMDFC) योजना लाभार्थियों के द्वार पर ऋण प्रदान करती है।

केवल एनजीओ और स्वयं सहायता समूह (एसएचजी) ही आवेदन करने के पात्र हैं।

निम्न आर्थिक पृष्ठभूमि वाले व्यक्तियों और अल्पसंख्यकों की महिलाओं को वरीयता दी जाएगी।

आवेदकों को 6 लाख रुपये की वार्षिक आय वाले घरों से संबंधित होना चाहिए।

संगठन के प्रत्येक सदस्य को 20 महिलाओं के समूह को 1.50 लाख और 30 लाख तक के छोटे ऋण मिलेंगे।

ऋणों को 36 महीनों की अवधि के भीतर चुकाना होगा।

पुरुषों के लिए ब्याज दर 10 प्रतिशत से अधिक नहीं होगी। और महिला लाभार्थियों के लिए 8 प्रतिशत

स्वरोजगार क्रेडिट कार्ड

इस सरकारी ऋण योजना के अनुसार, प्रति व्यक्ति ₹ 25,000  का ऋण दिया जाएगा

ब्याज और मार्जिन मनी रिजर्व बैंक आफ इंडिया के मानको के अनुसार जमा करने होंगे।

कार्यशील पूंजी की आवश्यकताओं के लिए आवेदक को पासबुक के साथ क्रेडिट कार्ड भी दिया जाएगा।

इसके लिए प्रसंस्करण शुल्क प्रति कार्ड ₹ 50  से ज्यादा वसूल नहीं किया जा सकेगा।

स्वरोजगार क्रेडिट कार्ड के लिए छोटे उद्यमी, हथकरघा बुनकर मॉल कारीगर, मछुआरे, रिक्शा मालिक, सेवा क्षेत्र, स्व-नियोजित व्यक्ति,सहित  लघु उद्यमी  पात्र हैं।

यह योजना आम तौर पर खाते के संतोषजनक संचालन पर 5 साल के लिए वैध है।

वार्षिक आधार पर साधारण समीक्षा प्रक्रिया के द्वारा प्रति वर्ष नवीनीकृत की जाती है।

कृषि-व्यवसाय विकास के लिए वेंचर कैपिटल स्कीम

लघु किसान कृषि व्यवसाय कंसोर्टियम (एसएफएसी) द्वारा शुरू की गई इस योजना का उद्देश्य देश में कृषि विकास को बढ़ावा देना है।

इसके द्वारा उत्पादकों को बाजार उपलब्ध कराया जा सकेगा। किसानों एवं कृषि स्नातकों को उनकी भागीदारी बढ़ाने में मदद की जा सकेगी।

व्यक्तिगत, किसान, उत्पादक समूह, साझेदारी /  स्वयं सहायता समूह, एग्रीप्रेन्योर मालिकाना फर्म, सरकारी लोन योजना के लिए पात्र हैं।

प्रस्तावित कृषि व्यवसाय परियोजना की लागत रु। से अधिक होनी चाहिए।  50 लाख।

वेंचर कैपिटल की राशि जो कि SFAC की कुल परियोजना लागत का 26 प्रतिशत है, जो कि रु .75 लाख की परियोजना इक्विटी की 26 प्रतिशत है, जो भी सबसे कम है।

लाभार्थी से अपेक्षा की जाती है कि वह बैंक के ऋण की पूर्ण चुकौती के बाद SFAC को एकमुश्त राशि में वेंचर कैपिटल वापस कर देगा।

कच्ची सामग्री सहायता योजना

कच्ची सामग्री सहायता योजना राष्ट्रीय लघु उद्योग निगम एनएसआइसी द्वारा शुरू की गई सरकारी लोन योजना है।

यह योजना उद्यमियों को अपने उत्पादों की गुणवत्ता में सुधार लाने एवं प्रोत्साहित करने के लिए स्वदेशी और निर्यातित अन्य सामग्रियों को खरीदने में मदद करती है।

केवल सूक्ष्म, लघु और मध्यम स्तर के उद्योग के उद्यमी योजना के लिए आवेदन कर सकते हैं।

इस योजना के अंतर्गत थोक में सामग्री की खरीद और 180 दिनों की नकदी छूट शामिल है ।

आवेदन पत्र जमा करने के बाद, राष्ट्रीय लघु उद्योग निगम द्वारा इकाई का निरीक्षण किया जाएगा एवं  निर्दिष्ट सीमा की मंजूरी प्रदान की जाएगी।

अधीनस्थ ऋण (CGSSD) के लिए क्रेडिट गारंटी योजना

सूक्ष्म एवं लघु उद्यम परिचालित इकाइयों के प्रवर्तक जो 30 अप्रैल 2020 तक एनपीए हो गए हैं उनके अधीनस्थ ऋणों में सहायता करने के लिए शुरू की गई है।

प्रवर्तक इस ऋण राशि का एमएसएमई इकाई में इक्विटी के रूप में उपयोग कर सकेंगे।

यह ऋण तरलता को बढ़ाता है तथा ऋण-इक्विटी अनुपात को बनाए रखता है। अधीनस्थ ऋण एमएसएमई को चालू रखने एवं पुनर्जीवित करने में बहुत मदद करेगा।

ऐसे सूक्ष्म एवं लघु उद्योग जो एनपीए बन गए हैं या जल्दी ही एनपीए बनने वाले हैं।  उनके प्रवर्तकों को उनकी हिस्सेदारी (इक्विटी प्लस ऋण) का 15% या ₹ 75 लाखजो भी कम हो, के बराबर उधार दिया जाएगा।

इस योजना का लाभ। लेने के लिए परिचालित सूक्ष्म एवं लघु इकाइयां जो एनपीए हैं या तनावग्रस्त हैं, पात्र होंगी।

पात्र एमएसएमई के प्रवर्तक लाभ लेने हेतु अनुसूचित वाणिज्यिक बैंकों से संपर्क कर आवेदन कर सकते हैं।

योजना उप-ऋण के लिए 90% गारंटी प्रदान करती है।शेष 10% संबंधित प्रवर्तक को देना होता है।

वापिसी के लिए अधिकतम अवधि 10 वर्ष है।  मूलधन के भुगतान के लिए 7 साल की छूट  है।

 

सरकारी लोन के लिए पंजीकरण करने का  तरीका

इन सरकारी लोन योजनाओं में पंजीकरण करने का   कदम दर कदम तरीका इस प्रकार है।

चरण 1: योजना से जुड़े वांछित बैंक के आधिकारिक ऑनलाइन पोर्टल पर जाएं।

चरण 2: पोर्टल पर रजिस्टर करें और वन-टाइम पासवर्ड (ओटीपी) प्रमाणीकरण के माध्यम से लॉग इन करें।

चरण 3: सरकारी ऋण योजना के नियमों और शर्तों से सहमत हों।

चरण 4: अपनी वित्तीय साख और अन्य आवश्यक जानकारी दर्ज करें।

चरण 5: फॉर्म को भरने और आवश्यक दस्तावेज अपलोड करने के साथ आगे और जारी रखें।

सरकारी लोन पात्रता मानदंड:

आवेदक योजना की पात्रता रखता है, तो संबंधित निकाय उन्हें आवश्यक सभी जानकारी प्रदान करने के लिए कहते हैं।

पात्रता मानदंड के कारकों में निम्नलिखित शामिल हैं:
आवेदक की आयु, ऋण की राशि, व्यापार का प्रकार,
क्रेडिट अंक, वार्षिक कारोबार,  पूंजी में किया निवेश

सरकारी लोन व्यक्तियों, स्टार्ट-अप उद्यमों, एकमात्र स्वामित्व और साझेदारी फर्मों, व्यापार मालिकों, एसएमई, एमएसएमई, निजी लिमिटेड कंपनियों, बड़े उद्यमों, आदि को प्रदान किए जाते हैं।

  व्यवसाय हेतु सरकारी लोन के लिए आवेदन करने के लिए न्यूनतम आयु मानदंड 18 वर्ष है।

मौजूदा व्यवसायों के लिए ऋण के लिए आवेदन करने के लिए न्यूनतम व्यावसायिक अस्तित्व 2 वर्ष है।

ऋण स्वीकृत करने के लिए उधारदाताओं द्वारा आवश्यक न्यूनतम क्रेडिट स्कोर 650 से ऊपर होना चाहिए।

सरकारी लोन योजनाओं का लाभ उठाने के लिए आवश्यक दस्तावेज

इन सरकारी लोन योजनाओं के लिए आवश्यक दस्तावेज एक योजना से दूसरी योजना में भिन्न हो सकते हैं।

आमतौर पर ऋण के लिए आवेदन करते समय इन दस्तावेजों की आवश्यकता हो सकती है;

पासपोर्ट के आकार की तस्वीरें, व्यापार की योजना
पहचान, आयु, पता और आय प्रमाण,  GST पहचान संख्या

पिछले 3 से 5 वर्षों में दिए गए आयकर का विवरण

पिछले 6 महीनों के बैंक स्टेटमेंट

व्यवसाय का पता प्रमाण

ITR पिछले 2 वर्षों के लिए आयकर रिटर्न ।

आपके इच्छित ऋण के प्रकार का विवरण

कंपनी निदेशकों या कंपनी / साझेदारी फर्म के भागीदारों की सूची

ई-केवाईसी: ई-केवाईसी के लिए आवेदन करने के लिए आवेदक द्वारा उपयोग किए जाने वाले सभी दस्तावेज यहां भी आवश्यक हैं

अंत में आपसे अनुरोध है कि यदि आपको लेख अच्छा लगा तो कमेंट्स कर अवश्य बताएं।

बिजनेस संबंधी किसी समस्या का समाधान चाहिए तो हमें कमेंट्स द्वारा पूछें।

सरकारी लोन योजनाओंं के अतिरिक्त बाजार मेें अन्य बहुत से बिजनेेश लोन विकल्प उपलब्ध हैं जिन्हें आप यहां पर पढ़ें।
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