फ्रेंचाइजी बिजनेस अपनाए जल्दी पैसे कमाएं

यदि आप बिजनेस करने का सोच रहे हैं तो फ्रेंचाइजी बिजनेस आपके लिए एक बेहतरीन विकल्प है।

कम निवेश, कम समय एवं थोड़े से अनुभव के साथ बिना जोखिम आप इसे सरलता से शुरू कर सकते हैं।

इस बिजनेस में आप एक तरह से किसी ब्रांडेड कंपनी की अधिकृत शाखा के रूप में ही काम करते हैं।

इस तरह किसी ब्रांडेड कंपनी से उसके उत्पाद एवं सेवा को बेचने का कानूनी अधिकार प्राप्त कर व्यापार करना  ही फ्रेंचाइजी बिजनेस है।

फ्रेंचाइजर अपनी फ्रेंचाइजी को बिजनेस संबंधी प्रशिक्षण एवं खरीदने से लेकर बेचने तक की सभी सुविधाएं देता है।

इसके लिए वह फ्रेंचाइजी से बतौर शुल्क कुछ राशि वसूल करता है।

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आइए फ्रेंचाइजी बिजनेस से संबंधित सभी जानकारी को विस्तार से समझते हैं।

फ्रेंचाइजी बिजनेस क्या है ?

फ्रेंचाइजी बिजनेस व्यापार करने की एक अवधारणा (Concept) है। इसमें फ्रेंचाइजर कंपनी एवं फ्रेंचाइजी कंपनी दोनों आपस में समझौता कर कानूनी तौर पर व्यवसाय करते हुए पैसे कमाते हैं।

फ्रेंचाइजी बिजनेस को और अधिक गहराई से समझने के लिए सबसे पहले इसमें उपयोग किये गए दोनों शब्दों को समझना होगा।

फ्रेंचाइजर कंपनी ( फ्रेंचाइजर ):

फ्रेंचाइजर कंपनी (फ्रेंचाइजर) वह विख्यात संस्थान, जो पहले से स्थापित एवं कार्यरत है। जिसका ब्रांड रजिस्टर्ड है।

जिसका सफलतापूर्वक बिजनेस करने का अपना एक विकसित तरीका है।

वह अपने इस स्थापित बिजनेस का और अधिक विस्तार कर ज्यादा पैसे कमाना चाहता है।

फ्रेंचाइजर अपने उत्पाद एवं सेवाओं को बेचने का कानूनी अधिकार, दूसरों को अपनी शर्तों पर शुल्क लेकर देता है।

फ्रेंचाइजी कंपनी (फ्रेंचाइजी)

फ्रेंचाइजी कंपनी (फ्रेंचाइजी) वह व्यक्ति या संस्थान है, जिसने पैसे कमाने के लिए, किसी फ्रेंचाइजर से समझौता  करके, उसके उत्पाद या सेवाओं को बेचने का वैधानिक अधिकार, शुल्क देकर प्राप्त किया है।

अब हमें यह आसानी से समझ आ जाएगा।

फ्रेंचाइजी बिजनेस, पैसे कमाने के लिए शुरू किया गया, व्यवसाय करने का एक तरीका है। जिसमें नया बिजनेस शुरू करने का इच्छुक व्यक्ति, फ्रेंचाइजर से, उसके बिजनेस को करने का कानूनी अधिकार, एक आपसी समझौते के द्वारा प्राप्त कर लेता है।

फ्रेंचाइजी (Franchise) का हिन्दी मे अर्थ मताधिकार होता है, इसलिए इसे मताधिकार बिजनेस भी कहा जा सकता है। परंतु अभी यह अधिक प्रचलन में नहीं है।

सरल शब्दों में फ्रेंचाइजी बिजनेस व्यवसाय करने का ही एक कानूनी माडेल है।

इसके अंतर्गत आप फ्रेंचाइजी लेकर किसी ब्रांडेड कंपनी के उत्पाद एवं सेवाओं को अपनी दुकान से बेच सकते हैं।

अर्थात ब्रांडेड कंपनी के नाम से स्वयं का व्यापार कर सकते हैं।

फ्रेंचाइजी बिजनेस की वर्तमान स्थिति

भारत में 1000 से अधिक देशी विदेशी कंपनियां फ्रेंचाइजी देने का कार्य कर रही र्है। भारत में सब जगह हर क्षेत्र में ये अपना कार्य सफलतापूर्वक बढ़ा रही हैं।

एक अमेरिकी शोध से पता चला है कि एशियन मार्केट में इनकी आय प्रतिवर्ष 50 बिलियन अमेरीकी डॉलर के हिसाब से बढ़ रही है।

आगामी कुछ वर्षों में यह 100 बिलियन डालर से ज्यादा हो जावेगी।

पिछले कुछ वर्षों से भारत में फ्रेंचाइजी बिजनेस के प्रचलन में प्रतिवर्ष 30% से 35% तक ग्रोथ हो रही है।

फ्रेंचाइजी बिजनेस कौन कर सकता है

अन्य सभी बिजनेस की तरह फ्रेंचाइजी बिजनेस में भी व्यापारी का उच्च शिक्षित होना जरुरी नहीं है।

ऐसा कोई भी साधारण पढ़ा लिखा व्यक्ति जो थोड़ी सी व्यापारिक सूझबूझ रखता हो वह लगभग सभी बिजनेस आसानी से कर सकता है।

हाँ, कुछ ऐसी विशिष्ट फ्रेंचाइजी हो सकती हैं, जिन्हें करने हेतु शिक्षित एवं तकनीकी ज्ञान का होना जरुरी हो।

फ्रेचाइजी बिजनेस उन लोगो के लिए उत्तम है, जो लोग कम निवेश,कम समय,कम श्रम में अपना स्वयं का कोई बिजनेस शुरू करना चाहते हैं।

वे अपनी सुविधा और बजट के अनुसार अपनी पसन्द  के फ्रैंचाइज़ी बिजनेस का चयन कर सकते हैं।

यह बिजनेस ऐसे व्यापारियों के लिए बेहतर है जो किसी भी प्रकार की जोखिम उठाना पसंद नहीं करते हैं।

एक अच्छा फ्रेंचाइजी बिजनेस न्युनतम राशि ₹ दो लाख से शुरू किया जा सकता है।

इस काम को किसी भी स्थान पर शुरू किया जा सकता है। आशय यह कि इसे आप बड़े शहरों के अलावा छोटे शहर कस्बे या गांव में भी शुरू कर सकते हैं।

फ्रेंचाइजी बिजनेस से लाभ

फ्रेंचाइजी बिजनेस में फ्रेंचाइजी एवं फ्रेंचाइजर दोनों को लाभ होता है जो इस प्रकार है।

फ्रेंचाइजर  को लाभ

फ्रेंचाइजर के पास फ्रेंचाइजी से प्राप्त सुरक्षा राशि से एक बड़ा फंड इकट्ठा हो जाता है।

जिसे वह अपनी मनमर्जी अनुसार बिजनेस में उपयोग कर सकता है।

फ्रेंचाइजर को अपने बिजनेस के विस्तार हेतु पास से धन लगाने की या विस्तार हेतु ऋण लेने की जरुरत नहीं होगी।

फ्रेंचाइजर द्वारा जितनी अधिक फ्रेंचाइजी वितरित की जावेगी उतना अधिक उसके बिजनेस का विस्तार होगा।
उसके बिजनेस का दायरा एवं लोकप्रियता बढ़ेगी।

वह अपने बिजनेस का जितना अधिक विस्तार करेगा उतनी अधिक उसकी आय मैं वृद्धि होगी।

फ्रेंचाइजी को लाभ

फ्रेंचाइजी बिजनेस को एक नया व्यक्ति भी कम निवेश से शुरू करके कम समय में आसानी से पैसे कमा सकता है।

फ्रेंचाइजी कंपनी को स्थापित बिजनेस मिल जाता है। जिससे बिजनेस को स्थापित करने मे लगने वाले समय श्रम और पैसों की भी बचत होती है।

फ्रेंचाइजी को फ्रेंचाइजर से व्यापारिक तकनीकी निपुणता आसानी से मिल जाती है। जिससे वह थोड़े से समय में ही उन्नति कर शिखर पर पंहुच जाता है।

फ्रेंचाइजी कंपनी के ब्रांडेड कंपनी के साथ जुड़ने और उसके नाम से उसके ही उत्पाद एवं सेवा को बेचने से ग्राहक ढूंढने या बनाने की जरूरत नहीं होती।

ग्राहक खुद ही चले आते हैं। क्योंकि वे उत्पाद अथवा सेवा से पहले से ही भलिभांति परिचित होते हैं।

फ्रेंचाइजी को उत्पाद बनाने, उसकी मार्केटिंग, प्रचार प्रसार करने का टेंशन नहीं रहता। क्योंकि उसके लिए ये सब कार्य करने की जिम्मेदारी फ्रेंचाइजर की होती हैं।

मार्केट में उत्पाद या सेवा के दाम बढ़ने घटने से फ्रेंचाइजी को कोई प्रभाव नहीं पड़ता । क्योंकि उसे तो निश्चित दर अनुसार पैसे मिलते रहते हैं।

फ्रेंचाइजी बिजनेस को शुरू करने के लिए ऋण भी आसानी से मिल जाता है।

फ्रैंचाइज़ी बिजनेस की कुछ कमियां

फ्रेंचाइजी अपने व्यापार से प्राप्त आय को फ्रेंचाइजर के साथ निर्धारित शर्तों अनुसार शेयर करने हेतु बाध्य होती है।

फ्रेंचाइजी को पूंजी का एक बड़ा हिस्सा बतौर सुरक्षा निधि फ्रेंचाइजर के पास तब तक जमा रखना होता है, जब तक वह फ्रेंचाइजी बिजनेस को करता रहता है।

फ्रेंचाइजी को मनमर्जी से बिजनेस करने की स्वतंत्रता नहीं होती। उसे फ्रेंचाइजर द्वारा निर्धारित शर्तों अनुसार ही कार्य करना पड़ता है।

फ्रेंचाइजी कंपनी अनुबंध अनुसार निर्धारित अवधि तक फ्रेंचाइजी के साथ काम करते हेतु बाध्य होती है।

किसी भी परिस्थिति में फ्रेंचाइजी कंपनी बंद हो जाती है तो फ्रेंचाइजर कंपनी उसकी कोई मदद नही करेगी। पूरी हानि उसको ही वहन करना होगा।

फ्रेंचाइजी बिजनेस के प्रकार

वैश्विक परिवेश में फ्रेंचाइजी बिजनेस के अनेक प्रारुप प्रचलन में हैं।

जैसे व्यापार प्रारूप फ्रेंचाइजी, उत्पाद वितरण फ्रेंचाइजी, उत्पाद निर्माण फ्रेंचाइजी, वेंचर  फ्रेंचाइजी बिजनेस, जाब फ्रेंचाइजी, इनवेस्टमेंट फ्रेंचाइजी आदि।

यहां हम मुख्य प्रचलित प्रारूपों की ही चर्चा करेंगे।

फ्रेंचाइजी बिजनेस को व्यापार के अनुसार बांटा गया है। मुख्य रूप से इसके तीन प्रकार हैं। जो इस प्रकार हैं।

व्यापार प्रारूप फ्रेंचाइजी (Business Format Franchise)

फ्रेंचाइजी बिजनेस का यह बहुत सामान्य प्रारुप है।

अधिकांश व्यपारियों द्वारा इसका ही उपयोग किया जाता है। इसके अनुसार आपको कंपनी के बिजनेस प्रारुप  की तरह ही काम करना है।

तात्पर्य यह कि फ्रेंचाइजी के इस प्रारुप में आपको कंपनी के नाम, उसके ब्रांड, तथा उसके व्यापार करने की रीति का अक्षरश: पालन करना है।

फ्रेंचाइजर द्वारा निर्धारित किए गए सभी दिशा निर्देशों के अनुसार ही  बिजनेस करना है।

इस प्रारुप में फ्रेंचाइजर द्वारा उत्पाद प्रदान किए जाते हैं। फ्रेंचाइजी को प्रशिक्षण दिया जाता है कच्चे माल की व्यवस्था भी की जाती है।

इस प्रारूप में फ्रेंचाइजर द्वारा रायल्टी शुल्क लिया जाता है।

उत्पाद वितरण फ्रेंचाइजी (Product Distribution Franchise)

फ्रेंचाइजी के इस प्रारुप में फ्रेंचाइजर द्वारा आपको  केवल उसका उत्पाद बेचने की अनुमति दे दी जाती है।

आपको व्यापार चलाने में किसी भी तरह की सहायता नहीं दी जाती है। आप अपने तरीकों से बिजनेस करने हेतु स्वतंत्र रहते हैं।

इस प्रकार की अधिकतम फ्रेंचाइजी पेट्रोलियम एवं आटोमोबाइल क्षेत्रों में दिखाई देती हैं

उत्पाद निर्माण फ्रेंचाइजी (Product Manufacturing Franchise)

फ्रेंचाइजी के इस प्रारुप में फ्रेंचाइजर द्वारा आपको उसके उत्पाद को बनाकर बेचने की अनुमति दे दी जाती है।

आप फ्रेंचाइजर के ब्रांड, नाम, साइन, लोगो सभी चीजों का उपयोग करने की भी सहमति होती है। परंतु इसके लिए आपको अपना लाइसेंस लेना होता है।

फ्रेंचाइजी के इस प्रकार में फ्रेंंचाइजर द्वारा एक निश्चित शुल्क तथा प्रति निर्मित इकाई के विक्रय पर भी कुछ शुल्क लिया जाता है।

खाद्य एवं पेय पदार्थों के क्षेत्र में इस तरह कि फ्रेंचाइजी अधिक प्रचलित है।

फ्रेंचाइजी बिजनेस लेने हेतु आवश्यक कदम एवं ध्यान रखने योग्य बातें।

फ्रेंचाइजी बिजनेस करने का फैसला आपको अपनी योग्यता एवं कार्यक्षमता को ध्यान में रखकर ही लेना चाहिए।

आपको यह भी तय करना होगा कि आप किस क्षेत्र में कौनसी कंपनी की फ्रेंचाइजी लेना चाहते हैं।

फ्रेंचाइजी की वर्तमान स्थिति एवं भविष्य में विकास को ध्यान मे रखते हुए ही उससे जुड़ने का निर्णय लेना चाहिए।

क्योंकि आगे आपकी उन्नति पूर्ण रूप से उसके विकास पर ही निर्भर होनेवाली है।

किसी भी बिजनेस को शुरू करने के लिए एमएसएमइ
पंंजीयन अनिवार्य है। जो आनलाइन और नि:शुल्क है। इसे अवश्य कर लेवें।

(कैसे करें जानने के लिए हमारा लेख एमएसएमइ पंंजीयन की विधि जानिए पढ़ें)

इसी तरह प्रत्येक बिजनेसमेन के लिए जी एस टी पंंजीयन करवाना भी लाभदायक है।

(इसकी विधि समझने के लिए लेख जीएसटी रजिस्ट्रेशन कैसे करवाएं अवश्य पढे़ं।)


फ्रेंचाइजी बिजनेस से संबंधित प्रशिक्षण अवश्य लेवें !

फ्रेंचाइजी शुरू करने के पूर्व फ्रेंचाइजर से उनके फ्रेंचाइजी  माडल का प्रशिक्षण अवश्य प्राप्त कर लेना चाहिए।

इससे आपको उनके काम करने की विधि उपलब्ध ब्रांड, उत्पाद, सेवा, ग्राहकों से जुड़ी जानकारी ज्ञात हो जावेगी।
आपके लिए बिज़नस करना आसान हो जाएगा।

उत्पाद अथवा सेवा का चयन

सबसे पहले आप यह निश्चित करें कि आप किस उत्पाद या सेवा का काम करना चाहते हैं।

मेरी सलाह से आप उस उत्पाद या सेवा को चुनें जिसमें आपकी रुचि है। जिसके संबंध में पहले से कुछ जानते हैं।

फ्रेंचाइजी बिजनेस के लिए बजट

फ्रेंचाइजी बिजनेस शुरू करने के लिए आपका बजट क्या है? आप कितनी राशि का निवेश करने में सक्षम हैं।

इसका सही अनुमान लगाएं। इसी के अनुसार फ्रेंचाइजी बिजनेस का चयन किया जा सकेगा। इसके लिए आप पात्रता अनुसार ऋण भी ले सकते हैं।

एक अच्छी फ्रेंचाइजी ₹2 लाख से 10 लाख के मध्य प्राप्त की जा सकती है। न्युनतम निवेश ₹2 लाख तक
संभावित है।

लागत एवं लाभ का अनुपात

फ्रेंचाइजी प्राप्त कर उसे शुरू करने तक आपको कितना धन लगाना होगा। कुल कितनी कमाई होगी। इस सबकी गणना करें।

निवेशित समय परिश्रम एवं धन अनुसार कार्य व्यवहार्य हो तभी फ्रेंचाइजी लेने का निर्णय लेना उचित होगा।

एरिया एवं स्थान का चयन

फ्रेंचाइजी बिजनेस शुरू करने के लिए एरिया एवं जगह की भी अपनी महत्वपूर्ण भूमिका होती है।

जहां आप फ्रेंचाइजी शुरू करना चाहते हैं, उस एरिया की   सभी जानकारी एकत्र करें। वहां के लोग, उनकी जीवन शैली, उनकी पसंद, उनकी क्रयशक्ति।

यह जानकारी फ्रेंचाइजी बिजनेस एवं उत्पाद या सेवा का निर्णय लेने में बहुत मदद करती है।

फ्रेंचाइजी लेने के पूर्व आप यह अच्छी तरह से समझ लें कि वह किन नियम एवं शर्तों पर आपको दी जावेगी। क्या आप उन सबसे सहमत हैं।

जो फ्रेंचाइजी बिजनेस आप ले रहे हैं, उससे संबंधित  जरूरी परमीशन एवं लायसेन्स भी आपको लेना होगा।

फ्रेंचाइजी बिजनेस के नियम एवं शर्तों तथा अनेक अन्य मुद्दों पर आप निगोशियेशन भी कर सकते हैं।

पर यह सब आपकी व्यापारिक समझ और व्यक्तिगत सूझबूझ पर ही निर्भर करता है।

फ्रेंचाइजी कितने समय के लिए दी जा रही है ?  क्या यह आजीवन है? कुछ निर्धारित वर्षों के लिए रिन्यूअल किस तरह होगा। इसकी भी जानकारी अवश्य लें।

फ्रेंचाइजी बिजनेस के नियम एवं शर्तें

सभी फ्रेंचाइजर कंपनियों के  फ्रेंचाइजी देने के नियम एवं शर्तें उनके बिजनेस की प्रकृति एवं सुविधानुसार निर्धारित रहने हैं।

ये मुख्यत: फ्रेंचाइजी के प्रकार पर आधारित होते हैं ।

सुरक्षा राशि शुल्क एवं रायल्टी संबंधी शर्तें

फ्रेंचाइजर से फ्रेंचाइजी लेने के लिए आपको, उसके द्वारा निर्धारित सुरक्षा निधि, रायल्टी एवं अन्य शुल्क जमा करना होता है।

सुरक्षा निधि अच्छी बड़ी रकम होती है। रायल्टी एकमुश्त या वार्षिक भी हो सकती है।

जिसे आपको एग्रीमेंट में तयशुदा शर्तों अनुसार भुगतान करना होता है।

कुछ फ्रेंचाइजर अपनी फ्रेंचाइजी के उत्पाद या सेवा की विक्री से हुए लाभ का कुछ हिस्सा भी लेते हैं। यह आपके और फ्रेंचाइजर के साथ हुए समझौते पर निर्भर करता है।

कुछ फ्रेंचाइजर निर्धारित अवधि में लक्षित बिक्री नहीं होने  पर फ्रेंचाइजी पर जुर्माना लगाने का भी विकल्प रखते हैं। यह एग्रीमेंट में भी दर्शाया जाता है।

 फ्रेंचाइजी स्थल का निरीक्षण, बदलाव एवं साज सज्जा

कुछ फ्रेंचाइजर प्रस्तावित फ्रेंचाइजी के स्थान को उनके निर्धारित रंगों अनुसार पेन्ट एवं डिजाइन अनुसार सजावट करवा लेते हैं।

इससे हर जगह उनकी फ्रेंचाइजी एक समान दिखाई देती है। एवं अलग पहचान बना लेती है।

फ्रेंचाइजी कैसे ले सकते हैं ?

जिस कंपनी से आप फ्रेंचाइजी लेना चाहते हैं उसकी  सारी जानकारी उस कंपनी की वेबसाइट से प्राप्त कर सकते हैं।

यदि आपको किसी बिंदु पर स्पष्टीकरण चाहिए तो आप फ्रेंचाइजर की वेबसाइट के संपर्क करें पेज से कांटेक्ट नंबर लेकर फोन पर बात कर सकते हैं।

आजकलअधिकांश कंपनी फ्रेंचाइजी देने हेतु अपनी वेबसाइट पर आनलाइन आवेदन मांगती हैं। इसलिए फ्रेंचाइजी लेने के लिएआप आनलाइन आवेदन कर सकते हैं।

सामान्यतः आवेदन में आपको व्यक्तिगत जानकारी एवं खोले जाने वाले स्थान का विवरण देना होता है।

साथ ही आप प्रस्तावित फ्रेंचाइजी कैसे चलाएंगे, किस अवधि में कितना माल बेचेंगे। ये जानकारी भी देना होता है।

दस्तावेजों में आधार कार्ड, पेनकार्ड, फोटो, जगह की रजिस्ट्री अथवा किरायानामा भी अपलोड करना होता है।

आपके आवेदन पर फ्रेंचाइजर का प्रतिनिधि स्वयं आपसे संपर्क कर आगे की कार्यवाही संपन्न करवाते हैं।

एग्रीमेंट और हस्ताक्षर

आपके प्रस्ताव के आधार पर आपकी एवं फ्रेंचाइजर की सहमति से एक एग्रीमेंट बनाया जाता है। इसमें दोनों को हस्ताक्षर करना होता है।

एक प्रति फ्रेंचाइजर रखता है, दूसरी प्रति आपको दी जाती है। जिसके अनुसार आपको सभी काम करना है

क्या है फ्रैंचाइजी एग्रीमेंट !

फ्रेंचाइजी एग्रीमेंट: फ्रेंचाइजर एवं फ्रेंचाइजी दोनों के बीच हुए समझौते का एक कानूनी दस्तावेज है।

इसमें बिजनेस संचालन से संबंधित सभी महत्वपूर्ण दिशा निर्देशों तथा नियम एवं शर्तों के विवरण लिखे जाते हैं।
जिन्हें फ्रेंचाइजर के द्वारा निर्धारित किया जाता है।

इस एग्रीमेंट को फ्रेंचाइजी कंपनी अक्षरशः पालन करने के लिए बाध्य होती है।

यह दस्तावेज फ्रेंचाइजर के हितों की सुरक्षा के लिए बनाया जाता है। इससे फ्रेंचाइजी कंपनी उसका कोई नुकसान नहीं कर सकती।

 फ्रेंचाइजी एग्रीमेंट (समझौता पत्र) पर फ्रेंचाइजर एवं फ्रेंचाइजी दोनों का आपके हस्ताक्षर होना जरुरी  है।

इस बात का ध्यान रखना चाहिए कि एग्रीमेंट में कोई ऐसी बात तो शामिल नहीं जिससे आपको हानि होती हो।

एग्रीमेंट की सभी बातों को ध्यान से अच्छी तरह  समझ कर ही हस्ताक्षर करना चाहिए।

इस एग्रीमेंट की प्रति फ्रेंचाइजर ऐव फ्रेंचाइजी को जब तक व्यापार कर रहे हैं तब तक अपने पास सुरक्षित रखना चाहिए।

किन-किन क्षेत्रों में फ्रैंचाइजी ली जा सकती है

वर्तमान में जीवन के हर क्षेत्र में हजारों देशी एवं विदेशी  ब्रांडेड कंपनीयां अपनी फ्रेंचाइजी दे रही हैंं। दिन प्रतिदिन ऐसी कपनियों की संख्या बढ़ती ही जा रही है।

इनके संबंध में अपडेटेड जानकारी आप इंटरनेट पर सर्च कर सकते हैं। कुछ प्रमुख क्षेत्रों  की जानकारी निम्नानुसार है।

खाद्य और पेय फ्रेंचाइजी:

आप खाने पीने की चीजों में रुचि रखते हैं तो आपके लिए यह क्षेत्र बेहतरीन विकल्प है, इसमें अधिक लाभ की गुंजाइश होती है।

यह सदाबहार बिजनेस है। इसमें प्रगति के हमेशा अच्छे अवसर रहे हैं।

इस क्षेत्र में फ्रेंचाइजी देने वाली कुछ प्रसिद्ध कंपनी  पतंजलि, सबवे, मैकडॉनल्ड्स, डोमिनोज़ पिज़्ज़ा, बर्गर किंग, पिज़्ज़ा हट एवं केएफसी अमूल, मदर डेअरी, एसबरो, काठी जंक्शन, घुमर, ज़ीरो डिग्री बड़ा आदि।

शिक्षा एवं प्रशिक्षण

वर्तमान में शिक्षा क्षेत्र के सभी व्यापार दिन प्रति दिन खूब  तरक्की कर रहे हैं| इस क्षेत्र में आप स्कूल, कोचिंग सेंटर, ट्रेनिंग सेंटर चलाने की फ्रेंचाइजी खोल सकते हैं| फ्रेंचाइजी देने वाली कंपनियों के नाम ये हैं ।
मदर्स प्राईड, शैमरॉक स्कूल, किड्स गुरुकुल, बचपन दव (dav) स्कूल अलोहा इंडिया, टीएमसी शिपिंग, ब्रिटिश अकादमी,  नोवटेक रोबो, एनिमेशन के लिए पिकासो डिजिटल मीडिया, प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना, फ्रेंचाइजी (पीएमवीवी फ्रेंचाइजी) स्पीक इंग्लिश जिम,  आदि।

फैशन फ्रेंचाइजी

खुदरा फैशन से जुड़े अनेक फैशन के ब्रांड हैं जो अपनी फ्रेंचाइजी देते हैं यदि आपको फैशन का बिजनेस करना पसंद है, तो आप भी इन ब्रांडों के साथ जुड़कर कार्य कर सकते हैं। लक्मे, सियाराम, वेस्टसाइड, वन डॉलर स्टोर, लिबर्टी शूज़, बाटा एएम पीएम स्टोर, खादीम, फैबिंडिया सरेलेथर्स,

स्वास्थ एवं सौंदर्य

स्वास्थ एवं सौंदर्य से सम्बंधित कई कंपनी भी अपनी फ्रेंचाइजी खोलने का अवसर प्रदान करती हैं। जिनमें से कुछ इस प्रकार हैं जावेद हबीब हेयर एंड ब्यूटी, स्टूडियो11, केवा आयुर्वेद हेल्थकेयर, रेलुकिंग इत्यादि.

कुछ ब्रांडेड मेडिकल क्षेत्र की कंपनियां स्वास्थ्य की देखभाल तथा अच्छी गुणवत्ता की डायग्नोस्टिक सेवाओं फ्रेंचाइजी उपलब्ध कराती हैं, उनमें से कुछ निम्नानुसार हैं: अपोलो डायग्नोस्टिक्स, डॉ लाल पेथ लैब्स, थायरोकेअर, संजीवनी, लाइफकेयर डायग्नोस्टिक्स, मेडकार्ट फार्मेसी, एसआरएल डायग्नोस्टिक्स, डॉ बत्रा की होम्योपैथी, लेंसकार्ट, मेडप्लस फार्मेसी, ब्रेन चेकर टेक्नो सर्विस, बिज़नेस डॉक्टर आदि

ऑटोमोटिव फ़्रैंचाइज़ी

हमारे यहां ऑटोमोबाइल क्षेत्र में भी काफी विकास हुआ है। खुदरा दुकानों के अतिरिक्त गाड़ियों के रख रखाव मरम्मत, से जुड़ी कई प्रसिद्ध कंपनियां भारत में कार्यरत हैं। ये कंपनियां अपनी फ्रेंचाइजी के द्वारा अपने बिजनेस को और बढ़ाने में लगी हुई हैं। इनकी  फ्रेंचाइजी भी आप ले सकते हैं।

बजाज ऑटो, हुंडई, हीरो मोटोकॉर्प, मारुति सुजुकी, रॉयल एनफील्ड एक्सप्रेस कार वॉश, स्पीड कार वॉश,मोटरज़ स्पा, महिंद्रा फर्स्ट चॉइस, कैरज़ एक्सप्रेस, ऑटोज़्स्पा, विंडशील्ड विशेषज्ञ, 3 एम कार आदि।

खुदरा आभूषण फ्रेंचाइजी

यदि आप बड़ा निवेश करने में सक्षम हैं, तो यहां कुछ प्रसिद्ध खुदरा आभूषण फ्रेंचाइजी की जानकारी भी दी जा रही है। जो इस प्रकार है, गीतांजलि ज्वेल्स, कल्याण ज्वेलर्स, मालाबार गोल्ड, तनिष्क, पीसी ज्वैलर्स, ब्लूस्टोन, गिली, अस्मी डायमंड आभूषण, नक्षत्र हीरे आदि।

अन्य फ्रेंचाइजी

इनके अलावा खुदरा क्षेत्र में बिजनेस सर्विस, रिटेल स्टोर, कपड़े, किताबों की दुकानें, फाइनेंशियल सर्विस, रियल एस्टेट, ट्रैवल, होटल, मोटल, एंटरटेनमेंट, लाइफस्टाइल, आईटी  आदि सभी क्षेत्रों की अनेकों कंपनी अपनी फ्रेंचाइजी आसानी से दे रही हैं, जहां खूब संभावनाएं हैं।

मित्रों मुझे विश्वास है मेरी यह पोस्ट आपको पसंद आई होगी। लेख से संबंधित प्रश्न एव जिज्ञासाएं आपसे आमंत्रित हैं।

1 thought on “फ्रेंचाइजी बिजनेस अपनाए जल्दी पैसे कमाएं”

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