freelancing business

फ्रीलांसिंग बिजनेस में अपना करियर बनाएं

क्या आप फ्रीलांसिंग बिजनेस में अपना करिअर बनाकर अच्छे पैसे कमाना चाहते हैं? यदि हां तो आइए फ्रिलांसिंग बिजनेस के संबंध में विस्तार से समझते हैं।

पिछले पेज पर हमने स्टार्टअप बिजनेस की जानकारी शेयर की हैं तो इस आर्टिकल को भी पढ़े। चलिए आज हम फ्रीलांसिंग बिजनेस की जानकारी पढ़ते और समझते हैं।

Table of Contents

फ्रीलांसिंग बिजनेस क्या हैं

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मूलतः फ्रिलांसिंग बिजनेस करना सेवा व्यवसाय के दायरे में आता है। फ्रीलांसिंग बिजनेस यानि शुल्क लेकर एक सहमत अवधि के लिए किसी जरूरतमंद को अपनी सेवाएं प्रदान करना है। इस तरह से सेवा प्रदान करने वाले को फ्रीलांसर व्यवसायी कहते हैं।

फ्रीलांसर को भारत में सेवाप्रदाता के रूप में भी जाना जाता है। फ्रीलांसर वे व्यवसायी या स्वतंत्र व्यक्ती हैं जो अपनी विशेषज्ञ सेवाएं किराए पर देते हैं।

फ्रीलांस व्यवसायी एक ही समय में अनेक फ्रीलांस परियोजनाओं पर काम करने के लिए स्वतंत्र होते हैं। फ्रिलांसिंग बिजनेस को अक्सर लोग फ्रिलांसिंग जॉब भी कहते हैं।

फ्रीलांसिंग जॉब

फ्रीलांसिंग जॉब में किसी व्यक्ति को किसी कंपनी द्वारा आधिकारिक तौर पर स्थाई नौकरी पर नहीं रखा जाता है।

फ्रीलांसिंग जॉब ऐसी नौकरी है जिसमें कोई व्यक्ति किसी कंपनी के बजाय अपने खुद के लिए काम करता है।

आपका यह जॉब किसी अन्य व्यक्ति अथवा व्यवसाय द्वारा अनुबंधित होता है। यह काम नौकरी की तरह स्थाई और लंबे समय तक भी चल सकता है।

फ्रिलांसिंग से क्या आशय हैं

फ्रीलांसिंग एक अंग्रेजी शब्द है, हिन्दी में इसके मायने है, स्वतंत्र रूप से कार्य करने वाला।

यह शब्द किसी विशिष्ट कानूनी स्थिति का वर्णन नहीं करता है। इसके बजाय, यह कार्य के प्रकार को संदर्भित करता है।

इसलिए फ्रीलांसिंग को हम स्वछंद व्यवसायी या स्वतंत्र व्यापारी भी कह सकते हैं।

सरल शब्दों में फ्रीलांसिंग यानि स्वरोजगार का एक स्वरूप, जो सेवा व्यवसाय की परिधि में आता है

फ्रीलांसिंग बिजनेस स्वनियोजित कार्य है

एक फ्रीलांसर वह स्व-नियोजित व्यक्ति है जो कंपनियों और संगठनों के लिए संविदात्मक आधार पर काम करता है। अपनी विशेषज्ञ सेवाएं प्रदान करता है। वह एक ही समय में एक साथ अनेक ग्राहकों के लिए कई नौकरियों पर काम कर सकता है। प्रत्येक-कार्य के लिए अलग अलग मेहनताना प्राप्त करता है।

अपने काम के लिए वह प्रति घंटा, दैनिक दर से या पूरी परियोजना अनुसार भी राशि वसूल कर सकता है। फ्रीलांस बिजनेस आमतौर पर अल्पकालिक ही होता है। उसे कंपनी-प्रायोजित अवकाश, सेवानिवृत्ति योजना या स्वास्थ्य बीमा कवरेज जैसी अन्य सुविधाएं प्राप्त नहीं होती हैं।

आम तौर पर स्वतंत्र अनुबंध कार्य के द्वारा फ्रीलांसरों को अन्य व्यवसायों द्वारा अपने उप-नियंत्रण में रखा जाता है। फ्रीलांसिंग जॉब करना अपने व्यवसाय को स्वतंत्र रूप से करना है। या यूं कहें कि यह अपना उद्यम चलाना ही है।

भारत में फ्रिलांसिंग बिजनेस की वर्तमान स्थिति

भारत में कुछ वर्ष पहले तक फ्रीलांसिंग बिजनेस कल्चर बहुत मजबूत और बहुत मशहूर नहीं हुआ करता था।

जब इंटरनेट बूम हुआ तो लोगों को यह महसूस होने लगा कि वे भी फ्रीलांसर के रूप में घर से काम करके अच्छे पैसे कमा सकते हैं। तभी से फ्रीलांसिंग उद्योग तेजी से बढ़ने लगा है। वर्तमान में यह काफी लोकप्रिय हो गया है।

इसका अंदाजा आप इस बात से लगा सकते हैं कि पूरे विश्व में अमेरिका के बाद हमारा देश फ्रिलांसिंग बिजनेस में दूसरे स्थान पर है। यह इतनी तेजी से बढ़ रहा है कि वर्ष 2021 के अंत तक भारत का लगभग 50% कार्यबल इसमें शामिल हो जाने की उम्मीद है।

युवाओं की पहली पसंद

  • फ्रीलांसिंग ने भारतीय युवाओं के दिल में कैरियर के रूप में बेहद आकर्षक जगह बना ली है।
  • फ्रीलांसिंग जॉब्स से स्वरोजगार के अवसरों में बहुत अच्छी एवं आशातीत वृद्धि हुई है ।
  • बोरिंग 9-5 की जॉब, बॉस की अनावश्यक किच किच से छुटकारा दिलाकर यह सब युवाओं की पहली पसंद बन गया है।
  • आने वाले वर्षों में यह और भी बेहतर होने वाला है।
  • आज युवा वर्ग का बहुत बड़ा समूह कार्यालय व्यवस्थाओं को अस्वीकार कर स्वतंत्र रूप से काम करना अधिक पसंद करता है।
  • फ्रिलांसिंग बिजनेस उन लोगों के लिए आय का एक शानदार साधन है ,जो व्यक्तिगत कारण से अपना घर नहीं छोड़ सकते हैं।
  • इसके अलावा युवा माता-पिता एवं विशेष रूप से विकलांग लोगों के लिए भी यह घर बैठे काम करने का बेहतरीन जरिया है।

कारपोरेट जगत को भी स्वीकार्य

इसी तरह, कॉर्पोरेट कंपनियों की अर्थव्यवस्था में भी फ्रीलांसरों की मांग तेजी से बढ़ती देखी गई है। इसका मुख्य कारण इन-हाउस संसाधनों की तुलना में फ्रीलांसरों से काम करवाना सस्ता और बेहतर है।

फ्रीलांसरों द्वारा काम लेने से उन्हें कर्मचारियों और श्रमिकों से संबंधित अनेक समस्याओं से छुटकारा मिल जाता है। कर्मचारियों की अपेक्षा फ्रीलांसरों से काम करवाना काफी आरामदायक और सुविधाजनक भी होता है।

फ्रीलांसिंग बिजनेस की विशेषताएंं

  1. फ्रिलांसिंग बिजनेस नौकरी नहीं है, तकनीकी रूप से ठेकेदारी की तरह है। इसलिए फ्रीलांसर उन कंपनियों के कर्मचारी नहीं होते है जहां वे काम करते हैं।
  2. फ्रीलांसिंग बिजनेस में फ्रीलांसर अपने काम का मूल्य स्वयं तय करते हैं। तद्अनुसार उन्हें प्रति घंटे, प्रति दिन या प्रति-प्रोजेक्ट के आधार पर भुगतान प्राप्त होता है।
  3. फ्रीलांसरों को विभिन्न परियोजनाओं पर खर्च किए गए समय का हिसाब रखना होता है। एवं उसके अपने क्लाएंट ग्राहकों को बिलिंग भी करना होता है।
  4. अपने स्वयं के रोजगार पर नियमानुसार समस्त शासकीय एवं व्यावसायिक करों का भुगतान भी करना होता है।
  5. फ्रिलांसिंग बिजनेस में काम की अनिश्चितता बनी रहती है। कुछ महीने आपके पास बहुत ज्यादा काम हो सकता है। ऐसा भी हो सकता है कि कई दिनों तक कोई काम ही ना हो।
  6. फ्रीलांसिंग बिजनेस हर व्यक्ति को अपने स्वयं के ग्राहकों को चुनने, अपनी स्वयं की कार्यशैली बनाने और विकसित करने की अनुमति देता है।
  7. आप जिसे चुनते हैं उसके साथ काम करते हैं, यदि आप क्लाइंट के साथ काम करने में असहज हैं तो आप हमेशा किसी दूसरे क्लाइंट को खोजने हेतु स्वतंत्र हैं।
  8. फ्रीलांसर जितने चाहें उतने व्यवसायों से काम ले सकते हैं। अंतत: उनका करियर और कार्यभार उनके ही नियंत्रण में होता है।
  9. घर से व्यवसाय शुरू करने के लिए फ्रीलांसिंग बिजनेस सबसे तेज़, सबसे सस्ता और सबसे आसान तरीका है।

फ्रीलांसिंग बिजनेस से फायदे

फ्रीलांसिंग बिजनेस के इतनी तेजी से आगे बढ़ने और लोकप्रिय होने का कारण इससे होने वाले लाभ ही हैं।

1. जल्दी और अधिक पैसा कमाना

फ्रीलांसरों को स्थायी कर्मचारियों की तुलना में अधिक पैसा दिया जाता है। उन्हें अक्सर भुगतान भी जल्दी किया जाता है।

वे एक समान काम के लिए स्थायी कर्मचारी की तुलना में एक निश्चित अवधि में अधिक धनराशि कमाते हैं।

2. लचीली कार्य अनुसूची

आप फ्रीलांसर हैं तो आप अपने घर या कार्यालय से स्वयं की सुविधानुसार काम करने हेतु लचीले काम के घंटे तय कर सकते हैं।

9 से 5 के बजाय आप काम करने का स्वनिर्धारित समय चुन सकते हैं।

अन्य प्रतिबद्धताओं के आसपास फिट होने के लिए अपना खुद का कार्यक्रम भी बना सकते हैं।

आप जब काम करना चाहें तब काम कर सकते हैं।

3. नौकरियों और ग्राहकों पर नियंत्रण

आप अपने खुद के लक्ष्य निर्धारित कर सकते हैं अपनी योजना अनुसार जैसे काम करना चाहते हैं कर सकते हैं। संपूर्ण कार्य आपके नियंत्रण में होता है।

किसी भी कारण से ग्राहक के व्यवहार या भुगतान संबंधी परेशानी होने पर आप आसानी उससे अलग हो सकते हैं।

4. पसंद और विविधता

फ्रीलांसर के रूप में काम करने हेतु आप अपनी पसंद की परियोजनाओं को एवं क्लाइंट को चुन सकते हैं। इसके लिए आप विशिष्ट बाजारों या क्षेत्रों तक सीमित नहीं रहते हैं। कर्मचारियों को ये सुविधाएं उपलब्ध नहीं होतीं हैं।

5. आप स्वयं के बॉस होते हैं

आप अपने स्वयं के बॉस हैं। आपको किसी को जवाब नहीं देना है। आप अपनी मर्जी से जब चाहें, जैसा चाहें वैसा काम करने के लिए स्वतंत्र हैं।

यह सब भी आप ही को निर्धारित करना है कि आप साल में किन जगहों पर, कितने घंटे काम करेंगे,

6. पूरा लाभ आपका है

फ्रिलांसिंग में जो भी छोटा बड़ा काम आप करेंगे। सारा लाभ आपका होगा। आप अपने लिए काम करते हैं निश्चित वेतन पर नहीं।

फ्रीलांसिंग बिजनेस की कमियां

फ्रीलांसर बिजनेस में कुछ नुकसान भी हैं

1. कम स्थिरता

कर्मचारियों को भविष्य में काम की गारंटी की तरह फ्रीलांसरों को भविष्य में काम की गारंटी नहीं होती है।

पर्याप्त काम मिलना ग्राहकों तक पहुंच पर निर्भर करता है। आपकी आय भी कभी कम कभी ज्यादा हो सकती है
पारंपरिक नौकरी में प्राप्त होने वाले भुगतान का सटीक पता रहता है।।

2. भुगतान प्राप्त ना होना

फ्रीलांसिंग में यह भी संभव है ग्राहकों से पूरा या आंशिक भुगतान प्राप्त ही ना हो। पूरा पैसा प्राप्त होने की जोखिम सदैव बनी रहती है।

हालांकि ऐसा करने वाले ग्राहकों से खुद को बचाने के तरीके हैं, लेकिन कभी-कभी उन्हें पहचानने में देर हो सकती है।

3. व्यक्तिगत जीवन में स्वतंत्रता की कमी

फ्रिलांसर को सारा काम स्वयं करना है। समय पर करना है। पूरी जवाबदेही उसकी स्वयं की है।

इसलिए स्वयं के लिए तथा परिवार के लिए समय निकालने में सदा कठिनाई बनी रहती है। वे अपने तथा परिवार के लिए स्वतंत्रता से समय नहीं दे पाते हैं।

4. फ्रिलांसिंग में अवसर

आज भारतीय बाजार, फ्रीलांसरों से भरा हुआ है, जिसमें भर्ती या श्रमिकों की कोई कमी नहीं है। इसी तरह अवसरों की भी भरमार है।

जैसे-जैसे अधिक से अधिक लोग फ्रीलांसिंग बिजनेस की ओर रुख कर रहे हैं, फ्रिलांसिंग जॉब का दायरा उसी रफ्तार से बड़ा होता जा रहा है।

यहां तक ​​कि अब आप अपने बहीखाते भी फ्रिलांसरों के द्वारा बनवा सकते हैं।

आज पूरी दुनिया की, सभी छोटी और बड़ी कंपनियों को फ्रीलांसरों की जरूरत है।

फ्रीलांसरों को अपने करियर में विशाल स्वतंत्रता है। जिनसे आप बहुत कम या बिना किसी लागत के शुरू कर सकते हैं।

फ्रीलांसर जॉब अक्सर अनुबंध कर्मियों को ही आउटसोर्स किए जाते हैं।

आज विभिन्न प्रकार की कंपनियां, संगठन और सरकारी एजेंसियां ​​फ्रीलांसरों को किराए पर रखती हैं। आपको लगभग हर कैरियर में कल्पनाशील काम मिलेगा ।

फ्रीलांस जाॅब भिन्न-भिन्न तरह के हो सकते हैं। छोटे बड़े, अंशकालिक, पूर्णकालिक स्थायी अस्थाई

फ्रीलांसिंग बिजनेस के प्रकार

भारतीय और वैश्विक नौकरी बाजार में फ्रीलांसर निम्न प्रकार से काम कर रहे हैं।

1. पूर्णकालिक फ्रीलांसर

पूर्णकालिक फ्रीलांसर वे लोग हैं जो अपनी समस्त आय फ्रीलांस से बनाते हैं और कोई अन्य पूर्णकालिक नौकरी नहीं करते है।

2. अनुबंध फ्रीलांसर

ये फ्रीलांसर निर्धारित समय अवधि के लिए कंपनियों या परियोजनाओं के साथ काम करते हैं।

3. फ्रीलांसर साइड बिजनेस

ये वे लोग हैं जिनके पास पूर्णकालिक नौकरियां और फ्रीलांस वर्क हैं। अधिकांश सामग्री लेखन फ्रीलांसर इस तरह से काम कर रहे हैं।

4. फ्रीलांस बिजनेस मालिक

ये वे लोग हैं जो पूर्णतया स्वतंत्रत रुप से फ्रीलांसिंग को व्यवसाय के रूप में करते हैं। ये लोग या तो अकेले काम करते हैं या लोगों की एक टीम है जो विभिन्न ग्राहकों के लिए सामग्री बनाने में मदद करती है।

5. सलाहकार

सलाहकार हर हफ्ते / महीने / वर्ष में निश्चित समय के लिए विभिन्न कंपनियों, या परियोजनाओं के साथ काम करते हैं। बाकी दिनों में किसी अन्य के साथ कार्य करने हेतु स्वतंत्र होते हैं।

फ्रीलांसरों को कौन नियुक्त करता है

फ्रीलांसरों से व्यक्तियों और संगठनों द्वारा किराए पर काम लिया जाता है।

इसमें सूक्ष्म उद्यम, छोटे और मध्यम आकार के उद्यम, बड़ी कंपनियां, सभी का समावेश है।

वर्तमान में स्थानीय शासन राज्य शासन और केंद्रीय सरकार, के अनेक विभाग शासकीय एवं सार्वजनिक निकाय भी फ्रलांसरों से ही काम करवाना ज्यादा पसंद करते हैं।

फ्रीलांसर कौन बन सकता है

कोई भी निपुण एवं गुणवान व्यक्ति फ्रीलांसर बन सकता है। फ्रीलांसर बनने के लिए किसी पर भी कोई प्रतिबंध नहीं है।

आपके पास एक उत्तम कौशल या सेवा होना चाहिए, जिसकी किसी अन्य व्यक्ति या व्यवसाय को ज़रूरत है तो आप एक फ्रीलांसर के रूप में काम कर सकते हैं।

जिनको आपकी सेवाओं की आवश्यकता है, उनसे शुल्क लेकर आप अपनी सेवाएं उन्हें प्रदान कर सकते हैं,

फ्रीलांसिंग बिजनेस में सफलता हेतु आवश्यक गुण

फ्रीलांसर बनने के लिए एक विशिष्ट मानसिकता की जरूरत होती है। इसके लिए आपको अनुशासित एवं विश्वसनीय होना जरूरी है

फ्रीलांसिंग के लिए धीरज, समर्पण, प्रतिबद्धता, कड़ी मेहनत और दृढ़ संकल्प की आवश्यकता होती है।

इन महत्वपूर्ण विशेषताओं को आप अभ्यास से भी विकसित कर सकते हैं। आप अपना संपूर्ण ध्यान निम्न पर केंद्रित करें।

1. हमेशा अनुशासित रहें

फ्रिलांसिंग जॉब में सफलता प्राप्त करने के लिए आपकाअनुशासित होना जरूरी है। ट्रैक पर बने रहना बिना अनुशासन के संभव नहीं हो सकता। हमेशा अनुशासित रहकर पूरा काम संपन्न करें

2. द्रढ़ निश्चयी रहें

दृढ़ता हमेशा महत्वपूर्ण है, जो भी काम आप हाथ में लें उसे द्रढ़ता से पूरा करें। काम समाप्त होने तक बाधाओं से विचलित हुए बिना मजबूती से ट्रैक पर जमे रहें।

3. संगठित रहें

आपको हर क्षेत्र में संगठित एवं सुव्यवस्थित रहना है।
आप बहुत सारे कार्यों के लिए जिम्मेदार हैं। आपको अपनी आय और खर्चों पर नियंत्रण रखना है।

आपको अपने क्लाइंटस् को तुरंत जवाब देना है और अपने समय सीमा के अंदर सभी दायित्व भी पूरे करने हैं।

आपको अपनी फ्रिलांसिंग बिजनेस से संबंधित सभी दस्तावेजों को क्रमबद्ध एव सुव्यवस्थित रखने की आवश्यकता है।

4. मिलनसार बनें

फ्रीलांसर बिजनेस में सफलता प्राप्त करने के लिए आपको मिलनसार रहना होगा। सभी से अनेक तरह के संचार करने होंगे।

आपको कठिन वार्तालाप करने की तैयारी रखना होगा।
सभी को पेशेवर तरीके एवं चतुराई से संभालना होगा।

यदि आप अपना व्यवसाय बढ़ाना चाहते हैं, तो आपको आराम से नेटवर्किंग करनी होगी और अजनबियों से भी संपर्क स्थापित करना होगा,

आप इसे व्यक्तिगत रूप से या डिजिटल तरीके से चाहे जिस तरह से करें परंतु करना जरूरी होता है।

आपको ग्राहको का विश्वास जीतने में कुछ समय लग सकता है। परंतु एक बार इसमें सफल हो जाने के बाद, आपके पास एक शानदार करियर होगा।

फ्रीलांसर कैसे बनें

यदि आप एक फ्रीलांसर बनने का सोच रहे हैं, तो आपने बहुत उत्तम निर्णय लिया है

फ्रीलांस बाजार दिन-प्रतिदिन बढ़ रहा है, और यदि आप प्रतिस्पर्धा में शामिल होना चाहते हैं, तो आपको उसी के अनुसार तैयारी करनी होगी।

फ्रीलांसरों के लिए सेवा-आधारित उद्योग अनेक अवसर प्रदान करते हैं। कोई ऐसा अच्छा लाभदायक विकल्प चुनें। जिसे आप एक फ्रीलांसर के रूप में उपयोग कर सकते हैं।

आपको किसी कौशल विशेष को सीखकर उसमें निरंतर सुधार करते हुए धैर्य और दृढ़ संकल्प के साथ खुद को तैयार करना होगा।

जब आप उस कौशल में अच्छे निपुण हो जाएं, तब आप शुल्क लेकर अपना फ्रिलांस जॉब शुरू कर खूब पैसे कमा सकते हैं।

स्मार्टफोन और इंटरनेट के बढ़ते उपयोग के साथ, कई लोगों के लिए पार्टटाइम फ्रीलांसिंग काम करना पसंदीदा तरीका बन गया है।

फ्रीलांसिंग बिजनेस की शुरुआत इस तरह करें

आइए इस बारे में सभी आवश्यक बिंदुओं पर विस्तार से सारी बातें करते हैं।

  1. आप बहुत ही कम पैसों से बहुत तेजी से खुद का फ्रीलांस बिजनेस शुरू कर सकते हैं।
  2. आप इस बिजनेस को घर बैठे स्वयं के नाम से शुरू कर सकते हैं।
  3. फ्रिलांसिंग बिजनेस को शुरू करने हेतु आपको व्यवसाय का पंजीयन कराने की भी जरूरत नहीं है। पंजीयन के बिना भी आप इसे स्थापित कर सकते हैं।
  4. अधिकांश लोग फ्रीलांसिंग बिजनेस में इसलिए असफल हो जाते हैं, क्योंकि वे नहीं जानते कि इसे कैसे और कहां से शुरू करें।
  5. यदि आप अपनी ऊर्जा को चैनलाइज़ कर अपने कौशल का अच्छी तरह से उपयोग कर सकते हैं, तो आप इस अवसर को एक स्थायी स्वरोजगार के करियर में बदल सकते हैं।
  6. कौशल विकास के अलावा, फ्रीलांसिंग से भी व्यक्ति को विविध कार्यों के अनुभव प्राप्त होते रहते हैं।

अपने कौशल की सूची बनाएं

एक रफ रायटिंग पेड लें। आप कौन कौन से काम सफलता पूर्वक कर सकते हैं, उन सभी कौशलों की सूची बना लेवें।

कोई जरूरी नहीं कि आप उसमें विशेषज्ञ हो लेकिन आपको उसका अच्छा ज्ञान होना चाहिए। यह सूची उतरते क्रम अनुसार ठीक कर लें। यानि जो काम आप सबसे अच्छा कर सकते हैं उसे सबसे पहले लिखें।

1. किसी फ्रिलांसिंग साइड पर जाएं

सूची तैयार करनेके बाद किसी फ्रिलांसिंग वेबसाइट पर जाएं अपवर्क फेवरर आदि अनेकों वेबसाइट नेट पर उपलब्ध हैं।

अपनी सूची के अनुसार ऐसी परियोजनाओं को खोजें जिन्हें आप बहुत आसानी से पूरा कर सकते हैं ।

2. अपनी योग्यता का मूल्यांकन करें

परियोजनाओं के विवरण जो आपने नोट किए हैं उनका अध्ययन कर देखें कि आप उनमें से कौन कौनसे काम अच्छे से कर सकते हैं। एवं किन कार्यों को करने में कठिनाई होगी।

3. अपनी कमियों को दूर करें

यहां आपको इमानदारी से अपना मूल्यांकन करना है, कि प्रोजेक्ट विवरण अनुसार आप क्या क्या कर सकते हैं और क्या नहीं।

इस अभ्यास से आपको यह स्पष्ट हो जाएगा कि आपके पास उपलब्ध कौशल में किन किन बातों की कमी है।

आप उन्हें सीखकर अपनी कमजोरी दूर करते जाओ। इससे आपका आत्मविश्वास भी बढ़ेगा।

सीखने के लिए आप यूट्यूब वीडियो ट्युटोरियल, आनलाइन कोचिंग, आनलाइन ट्रेनिंग एवं अन्य सभी उपलब्ध संसाधनों का उपयोग कर सकते हैं।

उपरोक्त प्रक्रिया को अनेकों बार दुहराएं इससे आपके आत्मविश्वास एवं ज्ञान में वृद्धि ही होगी। साक्षात्कार देते समय आप निडर होकर वार्तालाप कर सकेंगे।

4. अपना मूल्य निर्धारित करें

अपना मूल्य निर्धारण करना यह अत्यंत आवश्यक और महत्वपूर्ण स्टेप है। फ्रीलान्स व्यवसाय पर सही कीमतों का बहुत बड़ा प्रभाव पड़ता है।

फ्रीलांसरों की सबसे आम गलतियों में यही एक बड़ी गल्ती है, अपना सही मूल्य निर्धारण नहीं करना ।

सही कीमतें आपके फ्रीलान्स व्यवसाय को बहुत अधिक प्रभावित कर सकतीं हैं। अपनी प्रति घंटे की अपेक्षित दर स्वयं निर्धारित करें।

सुनिश्चित करें कि आपके द्वारा तय की गई दरें आपके आय लक्ष्यों और आपके खर्चों को पूरा कर सकती हैं।

प्रतियोगी क्या शुल्क ले रहे है इसकी चिंता ना करते हुए
आपको काम की कीमत समय और गुणवत्ता अनुसार तय करना चाहिए

यदि आपके लक्षित ग्राहक नए एवं छोटे बजट वाले हैं तो आपको दरें कम हो रखना चाहिए।

5. अपनी आकर्षक प्रोफ़ाइल बनाएं

ग्राहक आपको केवल आपकी प्रोफ़ाइल के माध्यम से ही जानते हैं। एक फ्रीलांसर के लिए आकर्षक प्रोफ़ाइल बहुत मायने रखती है। उसे हमेशा अपडेट करते रहें।

अपना काम अपने लक्षित ग्राहकों को प्रदर्शित करेने के लिए आप वेबसाइट, फेसबुक पेज, इंस्टाग्राम हैंडल या एक ब्लॉग की शुरुआत कर सकते हैं ।

यह आप अपने बिजनेस की प्रकृति अनुसार निर्धारित कर सकते हैं।

क्या आप जानते हैं उच्च गुणवत्ता वाले फ्रीलांसरों की कमी है। आप अन्वेषण करें कि आप स्वयं को किस स्थान पर रख सकते हैं।

एक फ्रीलांसर के रूप में आपको वर्तमान रुझानों के साथ अपडेट रहने की आवश्यकता है,

6. एक डमी परियोजना पर काम करके देखें

शुरुआत में फ्रीलांसर होने के नाते आपको अपना पूरा कार्यदिवस तीन चीजों के लिए समर्पित करना चाहिए।

  1. विभिन्न फ्रीलांसिंग नौकरियों की खोज करना।
  2. तद्नुसार अपने कौशल में सुधार लाना
  3. साक्षात्कार करना।

आपको पहला काम प्राप्त करने में कुछ समय लग सकता है। यदि आपको तुरंत एक स्वतंत्र काम नहीं मिलता है तो निराश नहीं होना है ।

सामान्य तौर पर, संपर्क बनाने और क्लाइंट के साथ स्थिर रोस्टर को प्राप्त करने में तीन महीने से लेकर एक साल तक का भी समय लग सकता है। लेकिन एक बार जब आप उस बिंदु पर पहुंच जाते हैं, तो आप अपने करियर को एक फ्रीलांसर के रूप में देख सकते हैं

नौकरी या व्यवसाय करते हुए फ्रीलांसिंग बिजनेस से आप अतिरिक्त आय अर्जित कर सकते हैं। फ्रीलांसर बन विशेष जीवन शैली लाभों का आनंद उठा सकते हैं। आप उन ग्राहकों की खोज करें जो मूल्य की अपेक्षा गुणवत्ता पर ध्यान देते हैं। आपको क्वालिटी पर स्पर्धा का लक्ष्य रखना है कीमतों पर नहीं।

फ्रीलांसर के रूप में आपको सभी प्रशासनिक और वित्तीय मुद्दों के साथ व्यक्तिगत रूप से निपटने के लिए तैयार रहना होगा। सौभाग्य से, ऐसी विशेषज्ञ साइटें हैं जो आपकी सेवाओं को प्रमोट करने में आपकी सहायता कर सकती हैं।

इन साइटों पर, आपको अलग-अलग आवश्यकताओं और बजट वाली नौकरियां मिलेंगी। यह कार्य आप अपने सोशल मीडिया के माध्यम से भी कर सकते हैं।

यदि आप किसी ग्राहक की साइट पर काम करना चाहते हैं, तो आप अपनी सेवाओं का विज्ञापन कर सकते हैं। अपने कौशल, का विवरण, दैनिक या प्रति घंटा की दर एवं स्थानों को इंगित करते हुए, एक या अधिक विज्ञापन प्रकाशित करें। काम के अवसर हमेशा होते हैं। फ्रीलांस प्लेटफॉर्म में हर घंटे, दर्जनों नए जॉब पोस्टिंग जोड़े जाते हैं।

नि:संदेह, सभी काम आप नहीं कर पाएंगे। लेकिन आपके पास हमेशा यह विकल्प होगा कि आप अपनी पसंद का काम आपकी शर्तों पर खोज सकें। फ्रीलांसिंग बिजनेस से आशय मालिकों से स्वतंत्रता नहीं है।

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