बाजार सर्वेक्षण से बिजनेस में 100 प्रतिशत सफलता ! 

बाजार सर्वेक्षण
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बाजार सर्वेक्षण से बिजनेस में 100 प्रतिशत सफलता !

बाजार सर्वेक्षण से बिजनेस में 100 प्रतिशत सफलता! जी हां आपने बिल्कुल सही पढ़ा है।

आपको शायद यह मालूम नहीं होगा कि बाजार में नए- नए उत्पाद एवं सेवाएं बस यूं ही नहीं आ जाते हैं। इसके लिए व्यवसायी बाजार सर्वेक्षण की मदद लेते हैं।

इसकी मदद से वे लक्षित बाजार एवं उपभोक्ताओं से एकत्रित किए गए सभी पहलूओं का विष्लेषण करने के बाद ही उत्पाद एवं सेवा को बाजार में उतारते हैं। 

इस तरह यह कहा जा सकता है कि उत्पाद या सेवा को प्रारंभ करने के लिए बाजार सर्वेक्षण करना सबसे पहला कदम है। 

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आज इस पोस्ट में मैं आपको बाजार सर्वेक्षण के संबंध में विस्तार से बताने वाला हूं! 

युवा व्यवसायी यह अच्छे से समझ लें कि अपने स्टार्टअप को आनन फानन में शुरू करने की गलती कभी ना करें।

बाजार सर्वेक्षण की मदद से अपने बिजनेस प्लान एवं रणनीतियों को पुख्ता करने के बाद ही इसे शुरू करें।  

आइए जानते हैं।

 बाजार सर्वेक्षण क्या है?

बाजार सर्वेक्षण बाजार अनुसंधान की एक प्रभावशाली तकनीक है। इसमें प्रश्नावली के द्वारा उपभोक्ताओं तथा लक्षित दर्शकों से प्रतिक्रिया एव जानकारी एकत्रित की जाती है ।  

कोई ब्रांड विशेष अपने उत्पादों एवं सेवाओं से संबंधित लक्षित बाजार के ग्राहकों की वेदनाओं, वरीयताओं और हितों की पहचान करने के लिए बाजार सर्वेक्षण का उपयोग कर सकता है।

सर्वेक्षण के माध्यम से बाजार के एकत्रित आंकड़ों का , विश्लेषण एवं मूल्यांकन किया जाता है। उपभोक्ताओं की प्राथमिकताओं, बाजार की कीमतों के रुझान, प्रतिस्पर्धी उत्पादों की उपस्थिति का पता लगाया जा सकता है।  

इसके द्वारा सीधे लक्षित बाजार की आवश्यकताओं अपेक्षाओं एवं विशेषताओं को समझ कर व्यापक रूप से बिक्री का पूर्वानुमान एवं व्यवसाय की व्यवहार्यता की जांच की जा सकती है। 

बाजार सर्वेक्षण अनुसंधान से किसी विशिष्ट लक्षित बाजार के पैटर्न को समझा जा सकता है। सर्वेक्षणकर्ता भूगोल, आयु, लिंग या अन्य जनसांख्यिकी के आधार पर बाजारों का विभाजन कर सकते हैं।  

बाजार सर्वेक्षण में व्यवसाय के हर पहलू को प्रभावित करने की क्षमता है। जिसमें नया व्यवसाय, ब्रांड, उत्पाद, ग्राहक सेवा, विपणन, बिक्री आदि सभी सम्मिलित हैं।

व्यवसायी अपने ब्रांड के प्राप्त निष्कर्षों का विश्लेषण कर योग्य अंतर्दृष्टि बनाकर जरुरी कार्यवाही कर सकते हैैं।

उपरोक्त जानकारी कंपनी के आंतरिक दस्तावेजों या बाहरी प्रकाशित स्रोतों के आंकड़ों से एकत्र नहीं की जा सकती है।   

आप बड़े व्यवसायी हों या छोटे स्टार्टअप, आप एक नया उद्यम शुरू करने जा रहे हैं; किसी नए उत्पाद या सेवा को पेश करना चाह रहे हैं; अपने छोटे व्यवसाय को बढ़ाने का सोच रहे हों, बाजार सर्वेक्षण आपको अगले स्तर तक ले जाने में पूरी मदद करेगा।

बाजार सर्वेक्षण किसी उत्पाद और सेवा एवं उपभोक्ता तथा लक्षित बाजार के बीच अंतर को कम करता है।  

आप इसे ऑनलाइन, ऑफलाइन या दोनों तरह से भी कर सकते हैं।

बाजार सर्वेक्षण क्यों महत्वपूर्ण एवं आवश्यक है? 

 

एक महत्वाकांक्षी बिजनेसमेन के दिमाग में अनेक नए व्यवसायिक विचार उत्पन्न होते रहते हैं।

इन विचारों को व्यवहार्य व्यावसायिक प्रस्तावों में बदलना निस्संदेह बहुत साहसिक कदम होता है।

सोची हुई अथवा कागज पर बनाई गई योजना पूरी तरह व्यवहार्य होगी तथा लादायक होगी यह जरूरी नहीं है। 

बाजर सर्वेक्षण व्यवसाय प्रारंभ करने के लिए एक बहुत महत्वपूर्ण कदम है। इसको अनदेखा कर आगे बढ़ने का गंभीर परिणाम, आप अपने समय और संसाधनों को बर्बाद कर सकते हैं ।

बाजार सर्वेक्षण किये बिना नये बिजनेस का शुभारंभ करने पर 80 – 90 प्रतिशत नए व्यवसायी शुरुआती दौर में ही असफल हो जाते हैं।

यदि आप एक नया बिजनेस शुरू करने का सोच रहे हैं तो आपको निम्न जानकारी समझना बहुत जरुरी है। 

आपका लक्ष्य बाजार कितना बड़ा है?

आपके संभावित ग्राहक कौन हैं?

आपके ग्राहकों की खरीदारी की आदतें क्या हैं?

आपके संभावित ग्राहक कितना भुगतान करने को तैयार हैं?

आपकी प्रतिस्पर्धा किन लोगों से है?

प्रतिस्पर्धियों की ताकत और कमजोरियां क्या हैं?

यह सभी बाजार सर्वेक्षण एवं अनुसंधान के माध्यम से ही किया जा सकता है। निम्न उद्देश्यों से बाजार सर्वेक्षण महत्वपूर्ण एवं आवश्यक है?

बेहतर व्यावसायिक निर्णय लेने में सहायक:

बाजार सर्वेक्षण व्यवसायी एवं संगठनों को अधिक सटीक और उचित निर्णय लेने की अनुमति देता है।

बाजार सर्वेक्षण द्वारा एकत्र किए गए आंकड़ों के द्वारा व्यवसाय में अनेक सुविचारित आवश्यक बदलाव एवं बेहतर निर्णय लेना संभव हो जाता है।

इससे जोखिम का स्तर भी कम हो जाता है व्यवसाय की प्रगति में भी सहायता मिलती है।

बाजार की जरूरतों से संबंधित जानकारी समझना:

बाजार सर्वेक्षण के द्वारा आप अपने व्यवसाय, उत्पाद एवं सेवाओं की लक्ष्य बाजार में मांग और आपूर्ति की श्रृंखला की समझ को विकसित कर सकते हैं।

इसके द्वारा व्यवसायी को उपभोक्ताओं की जरूरतों, वरीयताओं और धारणाओं की अंतर्दृष्टि प्राप्त हो जाती है। जिससे उत्पादों और सेवाओं को अधिक ग्राहक केंद्रित एवं बेहतर बनाने में सहायता मिलती है।

महत्वपूर्ण ग्राहक प्रतिक्रिया प्राप्त होना:

बाजार सर्वक्षण के द्वारा आप यह पता लगा सकते हैं कि आपके बिजनेस आयडिया को उपभोक्ता स्वीकार करेंगे या नहीं ? यह किन लोगों के काम आएगा। मतलब किस आय, वर्ग विशेष, स्थान विशेष के लिए उपयोगी होगा।

आपके उत्पाद एवं सेवा में कितने लोगों की रुचि है?

ग्राहक इन उत्पादों या सेवाओं को कितने मूल्यों पर क्रय करने हेतु तैयार हो सकते हैं?

इसी के साथ आपके उत्पाद एवं सेवा की बाजार में प्रतिस्पर्धा एवं प्रतिस्पर्धियों की वर्तमान स्थिति तथा भविष्य के विकास की जानकारी भी प्राप्त हो जाती है।

बाजार अनुसंधान आपको यह समझने में भी मदद कर सकता है कि आपके ग्राहक क्या पसंद करते हैं और अपने वर्तमान उत्पादों और सेवाओं के बारे में क्या पसंद नहीं करते हैं।

उत्पादों एवं सेवाओं में ग्राहकों के झुकाव की जानकारी:

बाजार सर्वेक्षण के द्वारा आप अपने उत्पादों एवं सेवाओं के प्रति उपभोक्ताओं के झुकाव का स्तर जान सकते हैं।

प्रतियोगी उत्पादों एवं सेवाओं के बारे में वे क्या विचार रखते हैं, यह मालूम किया जा सकता है।

हमारे आगामी उत्पादों या सेवाओं के लिए ग्राहक एक निश्चित राशि खर्च करने हेतु तैयार रहेंगे ? उनका झुकाव हमारी ओर होगा अथवा नहीं आदि अध्ययन किए जा सकते हैं।

नए व्यावसायिक अवसरों की पहचान:

बाजार सर्वेक्षण के द्वारा आपको बाजार की जरूरतों के संबंध में सभी आवश्यक जानकारी प्राप्त हो जाती है। इसके द्वारा आप नये व्यावसायिक अवसरों को पहचान कर लाभ उठा सकते हैं।

आप उन सभी अप्रयुक्त व्यावसायिक अवसरों को जिन्हें अभी तक बाजार में प्रयुक्त नहीं किया गया है, उनकी शुरुआत कर अच्छा लाभ कमा सकते हैं।

बेहतरीन व्यावसायिक योजना एवं मजबूत रणनीति बनाना संभव :

बाजार सर्वेक्षण से प्राप्त जानकारी की सहायता से सही व्यावसायिक निर्णय लेना एवं उचित बिजनेस प्लान बनाना संभव हो जाता है।

बाजार सर्वेक्षणों के द्वारा एकत्रित किए गए आंकड़े व्यवसाय में बड़े बदलाव लाने में सक्षम होते हैं। ये महत्वपूर्ण व्यापारिक निर्णय लेने में मददगार के होते हैं।

आप यह तय कर सकते हैं कि आपको अपने बिजनेस की शुरुआत किस स्तर से करना चाहिए। भविष्य में कितना विस्तार कर सकेंगे। कैसे आप अपने उत्पादों एवं सेवाओं को अपने प्रतिस्पर्धियों से बेहतर बना सकते हैं।

इस जानकारी से आप अपने बिजनेस प्लान और अग्रिम रणनीति को और अधिक मजबूत बना सकते हैं।

व्यावसायिक जोखिम को कम करने में मदद

 

बाजार सर्वेक्षण द्वारा व्यवसायी को उसके ग्राहकों और बाजार की स्थितियों की समझ बेहतर ढंग से विकसित हो जाती है। जिससे उसे स्पष्ट रहता है कि उसे क्या करना है और क्या नहीं करना है।

बाजार सर्वेक्षण एवं विश्लेषण से आपको यह भी पता चल जाता है कि आप प्रतियोगिता से अलग रहने के लिए क्या कर सकते हैं।

आपका बाज़ार सर्वेक्षण और विश्लेषण आपके स्टार्टअप की जोखिम को कम करके आपको शिखर पर पहुंचने में मदद कर सकता है।

उद्यमियों के लिए यह आसान हो जाता है कि वे बिना जोखिम उठाए बाजार के रुझान को बनाए रखें और अपने व्यापार के अवसर को बढ़ाकर प्रतिस्पर्धात्मक बढ़त बनाए रखें।

उत्पाद एवं सेवाओं की व्यवहार्यता एवं बिक्री का पूर्वानुमान लगाना आसान:

बाजार सर्वेक्षण आपके नए उत्पाद या सेवा के बाजार में लाने से पहले उसकी व्यवहार्यता के बारे में जानकारी प्राप्त करने के लिए किया जाता है।

इसके द्वारा यह समझने में मदद मिल जाती है कि लक्षित बाजार द्वारा किसी नए उत्पाद या सेवा को स्वीकार किया जाएगा या नहीं।

बाजार सर्वेक्षण नये व्यवसाय मॉडल को विकसित करने में एक महत्वपूर्ण मार्गदर्शिका के रूप में कार्य करता है।

मौजूदा उत्पादों और सेवाओं के विस्तार में आसानी :

बाजार सर्वेक्षण के द्वारा मौजूदा उत्पादों और सेवाओं का विस्तार करने में मदद मिलती है।

इससे प्राप्त जानकारी के द्वारा ग्राहकों के संतुष्टि स्तर को जानकर मौजूदा उत्पादों एवं सेवाओंं को बेहतर बनाकर बिजनेस को बढ़ाया जा सकता है।

आकर्षक विपणन रणनीति सटीक विज्ञापन निर्माण में मदद:

बाजार सर्वेक्षण एवं अनुसंधान से प्राप्त आंकड़ों के द्वारा एक प्रभावी विपणन रणनीति बनाने में सहायक होते हैं ।

अपने लक्षित बाजार की जरूरतों के बेहतर ज्ञान के साथ, आप ऐसे विज्ञापन अभियान बनाने में सक्षम होंगे जो ग्राहकों को आकर्षित करते हैं और कई चैनलों में लीड को परिवर्तित कर सकते हैं।

नए एवं पुराने ग्राहकों को जोड़े रखने में सहायक

 

बाजार सर्वेक्षण द्वारा व्यवसायी अपने उपभोक्ताओं से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारी एकत्रित कर लेता है।

इससे व्यवसायियों को अपने लक्षित ग्राहकों की जरूरतों के अनुरूप विकसित किया जा सकता है ।

इसके द्वारा व्यवसायी कोअपने मौजूदा ग्राहकों को बनाए रखने में एवं नए ग्राहकों को जोड़ने में सहायता मिलती है।

प्रतिस्पर्धा में लाभ:

बाजार सर्वेक्षण आपको आपकी प्रतिस्पर्धा में हमेशा आगे बनाए रखता है। क्योंकि इसके कारण आपको यह मालूम रहता हैं कि आपके लक्षित बाजार को क्या चाहिए। आपको क्या करना है तथा क्या नहीं करना है।

आप उन जरूरतों को पूरा करने वाले उत्पाद और सेवाएं बनाने में सक्षम होते हैं, इस प्रकार, आपको प्रतिस्पर्धा में बढ़त प्राप्त होती रहती है। अंततः बिक्री में एवं राजस्व में वृद्धि होती है।

व्यवसायियों द्वारा आयोजित किए जाने वाले महत्वपूर्ण बाजार सर्वेक्षण

बाजार सर्वेक्षण एवं अनुसंधान अनेक उद्देश्यों की प्राप्तियों के लिए किए जाते हैं।

बाजार सर्वेक्षण करने हेतु प्रत्येक व्यवसायी का दृष्टिकोण अलग-अलग हो सकता है।

नए उत्पाद, सुविधा या अवधारणा का विश्लेषण करने के लिए:

 

व्यवसायी के लिए यह आवश्यक है वह नए उत्पाद एवं सेवा पर बाजार-संगत सुविधाओं और अवधारणाओं को समझें।

इसके लिए नए उत्पाद, सुविधा या अवधारणा से संबंधित आंकड़ों को संकलित किया जाता है।

संकलित आंकड़ों का विश्लेषण कर किसी बाज़ार विशेष में किस तरह के उत्पाद या सुविधाएँ काम करेंगी, उनके संबंध में अंतर्दृष्टि प्राप्त की जा सकती है

 

उत्पादों एवं सेवाओं की कीमतों का आकलन करने के लिए बाजार :

उत्पादों की मूल्य सीमा भी एक ऐसा पहलू है जो संगठनों के लिए बाजार को चलाता है। मूल्य सीमा, कई प्रकार की श्रेणियों को पूरा करने के लिए उत्पाद संस्करण, प्रत्येक उत्पाद के लिए ग्राहकों को लक्षित करना आदि।

विक्रय गतिविधियों का प्रभाव समझने के लिए :

बिक्री गतिविधियाँ एक संगठन की रीढ़ हैं और इन गतिविधियों पर नज़र रखना महत्वपूर्ण हो जाता है।

बिक्री गतिविधियों के लिए बाजार सर्वेक्षण बिक्री गतिविधियों के प्रभाव की एक रिपोर्ट का उत्पादन करेगा, चाहे उनकी आवृत्ति को बढ़ाने की आवश्यकता हो या किसी भी बदलाव को दर्शकों को बिक्री प्रक्रिया में शामिल करना चाहिए।

लक्षित बाजार के विभिन्न पहलुओं की खोज के लिए:

इस प्रकार का सर्वेक्षण बाजार का स्वरूप, आकार, स्थि ति, जनसांख्यिकीय जानकारी, औसत बाजार की हिस्सेदारी की वृद्धि दर आदि पर विचार कर एक रोडमैप बनाने के लिए किया जाता है।

बाजार विभाजन Market (Segmentation) के लिए:

बाजार विभाजन सर्वेक्षण व्यवसायी को उपभोक्ताओं की विभिन्न श्रेणियों को लक्षित करने में सक्षम बनाता है।

अपने उत्पादों और सेवाओं के मौजूदा और संभावित ग्राहकों को विभाजित कर सकता है। तथा यह ज्ञात कर सकता है कि मौजूदा ग्राहकों ने उसके उत्पादों / सेवाओं को क्यों चुना है। संभावित ग्राहकों ने अभी तक खरीदारी क्यों नहीं की है। इससे संरचित बाजार विभाजन और विश्लेषण हो सकता है।

उपभोक्ताओं की खरीद प्रक्रिया की जांच के लिए:

यह सर्वेक्षण कोई उपभोक्ता या ग्राहक खरीदारी करने क ा निर्णय कैसे लेता है? उत्पाद जागरूकता को बिक्री में बदलने वाले कारक क्या हैं? इस प्रकार के बाजार सर्वेक्षण में जागरूकता, सूचना, नि: शुल्क परीक्षण, खरीद और दोहराना होगा।

खरीदार व्यक्तित्व स्थापित करने के लिए:

ये सर्वेक्षण ग्राहक की पसंद, झुकाव और उत्पाद खरीदने की क्षमताओं के बारे में जानकर एक खरीदार व्यक्तित्व का निर्माण करते हैं।

ग्राहक की वफादारी को मापने के लिए:

ग्राहकों और संगठन के प्रति वफादारी की डिग्री क्या है? इस प्रश्न का उत्तर बाजार सर्वेक्षण करके प्राप्त किया जा सकता है।

ग्राहक सेवा के मूल्यांकन के लिए:

अच्छी ग्राहक सेवा से ग्रा हकों में संतुष्टि का स्तर बढ़ सकता है। कारक जैसे मुद्दों को हल करने में लगने वाला समय, सुधार की गुंजाइश, ग्राहक सेवा के सर्वोत्तम अभ्यास आदि।

प्रतिस्पर्धी विश्लेषण के लिए बाजार:

स्वस्थ प्रतिस्पर्धा हमेशा एक संगठन की प्रगति के लिए अच्छा है। प्रतियोगी विश्लेषण के उद्देश्य से किए गए बाजार सर्वेक्षणों से परिणाम मिलेगा कि बाजार में दूसरों की तुलना में लक्षित बाजार संगठन के उत्पादों / सेवाओं का वजन कैसे करता है।

बाजार सर्वेक्षण एवं अनुसंधान के तरीके

बाजार सर्वेक्षण द्वारा अनुसंधान की दो मुख्य व्यापक पद्धतियां हैं। प्राथमिक बाजार अनुसंधान एवं द्वितीयक या माध्यमिक बाजार अनुसंधान।

1. प्राथमिक बाजार सर्वेक्षण क्या है?

प्राथमिक बाजार सर्वेक्षण से आशय उस बाजार सर्वेक्षण से है, जिसे व्यक्तिगत रूप से अथवा व्यवसाय के रूप में किया जाता है।

यह उन नए आंकड़ों को इकट्ठा करने की प्रक्रिया है, जिन्हें पहले कभी एकत्र नहीं किया गया है।

प्राथमिक सर्वेक्षण में उन उत्पादों एवं सेवाओं पर अपना स्वयं का सर्वेक्षण एवं अनुसंधान करना शामिल है जिन्हें आप बाजार में पेश करना चाहते हैं।

इसका उद्देश्य अद्वितीय आंकड़ों को सीधे स्त्रोत से एकत्र करना है। इस सर्वेक्षण प्रणाली में, व्यक्तिगत साक्षात्कार अवलोकन फ़ोकस समूह ऑनलाइन, ईमेल, फोन द्वारा सर्वेक्षण आदि विधियों का उपयोग किया जाता है।

इन आंकड़ों का उपयोग उत्पादों, सेवाओं और समग्र कार्य क्षमता में सुधार लाने के लिए किया जाता है।

प्राथमिक बाजार सर्वेक्षण अनुसंधान को पुनः दो भागों में विभाजित किया जाता हैं।

– गुणात्मक बाजार अनुसंधान एवं

– मात्रात्मक बाजार अनुसंधान।

 अ. गुणात्मक बाजार अनुसंधान

गुणात्मक बाजार अनुसंधान यह एक खोजी दृष्टिकोण है। इसमें साक्षात्कार या फ़ोकस समूहों के साथ ओपन-एंडेड प्रश्नों का उपयोग कर लक्षित बाजारों से गुणात्मक डेटा एकत्र किया जाता है।

गुणात्मक बाजार अनुसंधान डेटा को इकट्ठा करने के लिए एक छोटे लेकिन अत्यधिक मान्य सेंपल के साथ काम करता है।

इस शोध दृष्टिकोण को आप मनोवैज्ञानिक प्रोफाइल एवं शोध विषयों की धारणा पर डेटा एकत्र करने के लिए अपना सकते हैं।

इसके द्वारा व्यक्तिगत जुड़ाव तथा कम संख्या में लोगों के साथ अधिक जानकारी खोजने में सहायता मिलती है इसमें कम व्यय होता है।

ब. मात्रात्मक बाजार अनुसंधान

मात्रात्मक बाजार अनुसंधान एक ऐसा शोध दृष्टिकोण है, जिसमें आप लक्षित बाजार और उपभोक्ताओं से मात्रात्मक डेटा एकत्र कर सकते हैैं।

इस विधि में आप सर्वेक्षण, चुनाव एवं क्लोज-एंड प्रश्नावली, सांख्यिकीय महत्वपूर्ण नमूनाकरण, जैसे उपकरणों का उपयोग कर लक्षित बाजार की विषेशताओं की अंतर्दृष्टि प्राप्त कर सकते हैं।

इस पद्धति से जनसंख्या के एक बड़े नमूने का अध्ययन किया जा सकता है। इससे सांख्यिकीय रूप से सटीक परिणाम, मिलते हैं। लेकिन इसकी लागत उच्च होती है।

पहले प्राथमिक बाजार अनुसंधान करने में काफी धन एवं समय लगता था। किन्तु अब इसे ऑनलाइन प्रक्रिया से भी किया जा सकता है। यह काफी सरल एवं सीधा हो गया है।

2. द्वितियक (माध्यमिक) बाजार अनुसंधान

द्वितीयक (माध्यमिक) बाजार अनुसंधान सबसे आम प्रकार की अनुसंधान विधि है। यह अनुसंधान एक खोजी दृष्टिकोण लेता है।

इस विधि में व्यवसायी उपभोक्ताओं एवं लक्षित बाजारों की अंतर्दृष्टि प्राप्त करने के लिए उनसे सीधे संपर्क कर जानकारी एकत्र नहीं करते हैं।

इसके लिए वे मौजूदा आंकड़े जो पहले से ही प्रकाशित एवं सार्वजनिक रूप से विभिन्न स्रोतों पर मुफ्त उपलब्ध हैं उनकी सहायता लेते हैं।

इनमें शामिल हैं विभिन्न सरकारी वित्तीय एवं शैक्षणिक संस्थानों के पुस्तकालय, वेबसाइटें, पत्रिकाएं प्रकाशन एवं समाचार पत्र, जनगणना आंकड़े, मौजूदा सर्वेक्षण और अध्ययन तथा सर्च इंजनों से प्राप्त जानकारी इत्यादि।

ये स्रोत सस्ते और आसान होते हैं, समय की भी बचत हो जाती है। परंतु ये आंकड़े बहुत सामान्य हो सकते हैं जो आपके विशिष्ट उद्देश्यों के हेतु पूर्ण उपयुक्त ना हों।

 

 बाजार सर्वेक्षण के तरीके

बाजार सर्वेक्षण की अनेक विधियां प्रचलित हैं। आप किसी भी विधि का उपयोग कर सकते हैं। इससे कोई अंतर नहीं पड़ता कि आप किस पद्धति को अपनाते हैं।

आप अपने सर्वेक्षण के लिए अपनी आवश्यकता अनुसार एक उपयुक्त नमूना सुनिश्चित कर सकते हैं। ध्यान रखें कि सटीक एवं संख्यात्मक आंकड़े प्राप्त करने के लिए नमूना पर्याप्त विस्तृत होना चाहिए।

बाजार सर्वेक्षण किस प्रणाली से किया जावे यह दो महत्वपूर्ण कारकों पर निर्भर होता है।

पहला, सर्वेक्षण हेतु कितना समय उपलब्ध है। दूसरा, किस पद्धति का उपयोग किया जाएगा।

प्राथमिक अनुसंधान आम तौर पर बेहतर होता है, क्योंकि आपको सीधे अपने ग्राहकों से जानकारी प्राप्त होती है।

इसकी तुलना में, माध्यमिक अनुसंधान में व्यावसायिक निर्णय लेने के लिए पहले से स्थापित डेटा सेट का उपयोग किया जाता है।

व्यक्तिगत साक्षात्कार

व्यक्तिगत संपर्क आपको उत्पाद के नमूने, पैकेजिंग, या विज्ञापन के साथ लोगों को पेश करने और तत्काल प्रतिक्रिया इकट्ठा करने की अनुमति देता है।

इन-व्यक्ति सर्वेक्षण व्यस्त सड़कों पर जैसे उच्च-ट्रैफ़िक स्थानों में आयोजित वन-टू-वन साक्षात्कार हैं।

इन-पर्सन सर्वे 90 प्रतिशत से अधिक की प्रतिक्रिया दर उत्पन्न करते हैं, लेकिन वे महंगे हैं। सुधार सटीकता और विस्तार के बदले समय और श्रम लागत अधिक है।

इस विधि में शोधकर्ता उपभोक्ताओं से आमने-सामने साक्षात्कार करते हैं। यह विधि जटिल समस्याओं के सर्वेक्षण में उपयोग की जाती है।इस विधि में प्रतिक्रिया दर सबसे अधिक है, लेकिन यह महंगी होती है।

आप साक्षात्कार विधि के द्वारा भी डेटा संग्रह कर सकते हैं। इससे शोध विषयों के साथ व्यक्तिगत रूप से बातचीत करना भी शामिल है। इससे उनकी प्रासंगिक जानकारी भी एकत्रित की जा सकती है।

साक्षात्कार के दौरान, शोधकर्ता (साक्षात्कारकर्ता) प्रतिवादी से प्रश्नों का एक सेट पूछता है जो पूर्व निर्धारित उद्देश्यों के आधार पर क्लोज एंडेड या ओपन एंडेड हो सकता है।

साक्षात्कार के तीन प्रकार हैं।

1.संरचित साक्षात्कार

इनका उपयोग प्राथमिक बाजार अनुसंधान में किया जाता है।

संरचित साक्षात्कार क्लोज-एंडेड होते हैं क्योंकि वे पूर्व-निर्धारित प्रश्नों का उपयोग करते हैं

2. अर्ध-संरचित साक्षात्कार

अर्ध-संरचित साक्षात्कार एक प्रकार का गुणात्मक साक्षात्कार है जिसमें पूर्व-निर्धारित प्रश्नों का एक समूह होता है।

इसमें साक्षात्कारकर्ता को साक्षात्कार के कारण में नए विकास का पता लगाने की अनुमति मिलती है।

एक तरह से यह संरचित और असंरचित साक्षात्कारों के बीच के मध्य बिंदु का प्रतिनिधित्व करता है।

3. असंरचित साक्षात्कार

असंरचित साक्षात्कार ओपन-एंड होता है। यह सहजता पर निर्भर करता है।

अपनी आमने-सामने की प्रकृति के परिणामस्वरूप, एक साक्षात्कार विस्तृत डेटा संग्रह की अनुमति देता है और आपको मात्रात्मक बाजार अनुसंधान में उत्तरदाताओं से अधिक सटीक और उद्देश्यपूर्ण जानकारी एकत्र करने में भी मदद करता है।

प्रदान किए गए मौखिक उत्तरों के अलावा, हावभाव और गैर-मौखिक संचार भी साक्षात्कार के दौरान उपयोगी अंतर्दृष्टि प्रदान करते हैं।

फोकस समूह:

यह प्राथमिक बाजार अनुसंधान में डेटा एकत्र करने का एक सबसे सामान्य तरीका है। इस विधि मे सर्वेक्षण को अनिवार्य रूप से समूह वार्तालाप में बदल दिया जाता है।

ये सत्र तटस्थ स्थानों पर किए जाते हैं,

प्रतिभागी स्वतंत्र रूप से अपने विचारों को संप्रेषित कर सकते हैं और एक दूसरे के अनुभवों की पुष्टि या खंडन कर सकते हैं। उन्हें किसी भी तरह की कागजी का र्रवाई या सर्वेक्षण सामग्री को पारंपरिक रूप से भरने की भी जरूरत नहीं होती है।

फ़ोकस समूह में अंतःक्रियाओं को आमतौर पर मध्यस्थों के द्वारा समन्वित किया जाता है, जो यह सुनिश्चित करते है कि बातचीत अनुसंधान के उद्देश्य और उद्देश्यों की सीमाओं के भीतर बनी रहे।

वे यह भी सुनिश्चित करते हैैं कि एकत्र किया गया डेटा बाजार अनुसंधान के लिए प्रासंगिक है। इससे आप अपने उत्पाद या सेवा के संबंध में उपभोक्ताओं की भावनाओं, विचारों और धारणाओं के बारे में गहन जानकारी एकत्र करने में सक्षम हो सकते हैं।

एक फोकस समूह 6 से 12 व्यक्तियों तक का बना हो सकता है। पूछे जाने वाले प्रश्न अनुसंधान की विषैशताओं के आधार पर क्लोज-एंडेड और ओपन-एंडेड दोनों तरह के हो सकते हैं। एक फ़ोकस समूह आमतौर पर एक से दो घंटे तक रहता है, और संतुलित परिणाम प्राप्त करने में कम से कम तीन समूह लगते हैं।

अवलोकन:

अवलोकन वह डेटा संग्रह विधि है जिसमें अनुसंधान विषयों पर ध्यान देना भी सम्मिलित है।

आमतौर पर वीडियोटैपिंग उपकरण और एक-तरफा दर्पण के साथ एक अवलोकन कक्ष की सुविधा द्वारा इसे किया जाता है

अवलोकन चाहे गुणात्मक हो या मात्रात्मक, डेटा संग्रह का सबसे आसान और सबसे सामान्य तरीका है।

मात्रात्मक अवलोकन में, शोधकर्ता संख्याओं पर ध्यान केंद्रित कर सकता है; यानी उम्र, वजन और आयतन जैसे संख्यात्मक मूल्यों के संदर्भ में शोध विषय का अवलोकन करना। दूसरी ओर, गुणात्मक अवलोकन, अनुसंधान चर की जांच करते समय व्यक्तिपरक मापदंडों के साथ, 5 संवेदी अंगों का उपयोग कर सकता है।

इस पद्धति से परिणाम भी अधिक सटीक आंकड़ों में प्राप्त होते है, क्योंकि शोधकर्ता के पास शोध विषयों से देखी गई जानकारी को फ़िल्टर और सत्यापित करने का अवसर रहता है।

कभी-कभी लोगों के वास्तविक व्यवहार के साथ सर्वेक्षण और फ़ोकस समूहों पर व्यक्तिगत प्रतिक्रियाएं भी दिखाई देती हैं।

जब आप उपभोक्ताओं को दुकानों में, काम पर, या घर पर वीडियो टैप करके कार्रवाई करते हैं, तो आप देख सकते हैं कि वे उत्पाद कैसे खरीदते हैं या उनका उपयोग करते हैं। इससे आपको ग्राहकों की उपयोग की आदतों और खरीदारी के पैटर्न की अधिक सटीक तस्वीर मिलती है।

अवलोकन एक प्राकृतिक या सहभागी दृष्टिकोण भी अपना सकता है। प्रकृतिवादी अवलोकन में, शोधकर्ता को अनुसंधान के वातावरण से बिल्कुल हटा दिया जाता है; अर्थात्, अनुसंधान विषयों के साथ उनका कोई सीधा संपर्क नहीं है क्योंकि वे बातचीत करते हैं और अपने व्यवहार का प्रदर्शन करते हैं।

टेलीफोन/ मोबाइल साक्षात्कार:

संभावित ग्राहकों से जानकारी प्राप्त करने का यह सस्ता, एवं तेज़ तरीका है। कॉल करने से पहले आप एक स्क्रिप्ट तैयार कर लेवें, जो आपके अपने सभी उद्देश्यों को पूरा कर सकती हो।

अधिकांश लोग फोन पर बहुत समय बिताना पसंद नहीं करते हैं, इसलिए अपने प्रश्नों को सरल,संक्षिप्त एवं स्पष्ट रखें।

यदि आपके पास स्वयं कॉल करने का समय नहीं है, तो आप यह कार्य अन्य सक्षम लोगों से शुल्क देकर भी करवा सकते हैं।

प्रत्यक्ष-डाक साक्षात्कार:

इस प्रणाली में व्यवसायियों द्वारा उपभोक्ताओं को एक मानकीकृत प्रश्नों की प्रश्नावली सार्वजनिक तौर से पेपर पर प्रदान की जाती है।

प्रश्नावली अधिकतम एक पृष्ठ की बनाई जाती है।, एवं अधिकतम 20 प्रश्न पूछे जाते हैं। आदर्श रूप से, प्रत्यक्ष – डाक साक्षात्कार सर्वेक्षण सरल होना चाहिए।

यह “हां / नहीं” या “सहमत / असहमत” चेक-आउट बॉक्स के साथ संरचित होना चाहिए, ताकि उत्तरदाता जल्दी और आसानी से जवाब दे सकें।

यह बाजार सर्वेक्षण का एक सामान्य रूप हैं। इसमें आम तौर पर उत्तरदाता पेपर फॉर्म के माध्यम से डाक द्वारा उत्तर प्रदान करते हैं। आपका सर्वेक्षण पोस्टकार्ड के रूप में या कवर पत्र, प्रश्नावली और उत्तर लिफाफे के रूप में विस्तृत हो सकता है।

संक्षिप्त एवं सीधी, सर्वेक्षण प्रश्नावली से एकत्रित आंकड़ों से विश्लेषण एवं अनुसंधान सरल हो जाता है। आपके सर्वेक्षण का नमूना जितना महत्वपूर्ण होगा, परिणाम उतने ही विश्वसनीय मिलेंगे।

ई-मेल साक्षात्कार:

प्रत्यक्ष-डाक साक्षात्कार सर्वेक्षण की तरह ही तैयार की गई पृश्नावली को ई-मेल द्वारा लक्षित ग्राहकों को भेजा जाता है एवं अग्रिम सराहना करते हुए जवाब देने का आग्रह किया जाता है

ऑनलाइन सर्वेक्षण

अब अधिकांश लोग ऑनलाइन सर्वेक्षण विधि का उपयोग करने लगे हैं।आज यह सबसे लोकप्रिय सर्वेक्षण सर्वेक्षण विधियों में से एक है।

ऑनलाइन सर्वेक्षण में लागत भी कम लगती है, तथा एकत्रित प्रतिक्रियाएं भी बहुत सटीक प्राप्त होती हैं। इसलिए अब पेपर सर्वेक्षण का चलन ना के बराबर ही रह गया है।

ऑनलाइन सर्वेक्षण भरना उपभोक्ता के लिए भी काफी सुविधा जनक होता है। वह अपने घर में आराम से बैठे बैठे कुछ ही मिनटों में डेटा और राय प्रदान कर देता है ।आप भी बिना परेशानी उन्हें इकट्ठा कर सकते हैैं।

यदि आप या आपका संस्थान विशेष रूप से सोशल मीडिया पर सक्रिय है, तो आप अपने सर्वेक्षण को वहां भी बढ़ावा दे सकते हैं – या त्वरित सर्वेक्षण भी चला सकते हैं।

वर्तमान में अधिकांश लोग इलेक्ट्रॉनिक रूप से ईमेल के द्वारा, आधिकारिक वेबसाइटों पर या बाजार सर्वेक्षण के लिए समर्पित तृतीय-पक्ष वेबसाइटों के माध्यम से भी सर्वेक्षण कराते हैं।

उपरोक्त तरीके प्राथमिक बाजार सर्वेक्षण एवं अनुसंधान करने के लिए उपयोग में लाए जाते हैं।

द्वितीयक बाजार अनुसंधान के लिए प्रयुक्त होने वाले कुछ तरीके इस तरह हैं।

 सूचनाओं (रिपोर्टिंग) द्वारा सर्वेक्षण

रिपोर्टिंग एक द्वितीयक अनुसंधान पद्धति है। इस पद्धति में आंकड़ों को प्रासंगिक स्रोतों से एकत्र किया जाता है। जो आगे सत्यापन एवं विश्लेषण के अधीन होते हैैं।

आप समाचार पत्रों, एनजीओ रिपोर्ट और समाचार वेबसाइटों सहित विभिन्न स्रोतों से आंकड़े प्राप्त करने के लिए रिपोर्टिंग टूल का भी उपयोग कर सकते हैं।

आंकड़ों की रिपोर्ट प्राप्त करते समय, आपको उन स्रोतों पर भरोसा करना चाहिए जो महत्वपूर्ण जानकारी को स्पष्ट रूप से संप्रेषित करते हैं। बाजार के बारे में अभिन्न विवरण प्रदान करते हैं। एवं जो किसी संगठन के लिए निर्णय लेने के लिए एक वैध कदम के रूप में काम कर सकते हैं।

आंकड़ों की सटीकता अत्यंत महत्वपूर्ण है क्योंकि गलत आंकड़े आपके अनुसंधान निष्कर्षों को नकारात्मक रूप से प्रभावित कर सकते हैं।

मौजूदा बाजार अनुसंधान

मौजूदा बाजार अनुसंधान द्वितीयक बाजार अनुसंधान में डेटा का एक प्रभावी और सत्यापन योग्य स्रोत है क्योंकि इसमें अनुसंधान पर्यावरण और विषयों के बारे में विशिष्ट जानकारी शामिल है।

भले ही मौजूदा बाजार अनुसंधान के डेटा में उच्च स्तर की सटीकता है, आपको इस डेटा स्रोत का उपयोग करते समय नए शोध प्रश्नों को पेश करने की आवश्यकता होगी।

मौजूदा बाजार अनुसंधान के स्रोतों के उदाहरणों में व्यावसायिक पत्रिकाएं और अभिलेखागार शामिल हैं।

यदि आप एक नए उद्योग में प्रवेश कर रहे हैं, तो बाजार अनुसंधान करने से आपको मूल्य निर्धारण और पैकेजिंग जैसे महत्वपूर्ण कारकों को समझने में मदद मिलेगी।

बाजार अनुसंधान आपको अपने प्रतिस्पर्धियों के व्यवहार और अपने उत्पाद और सेवा की बेहतर स्थिति को समझने में भी मदद करता है।

ग्राहक जनसांख्यिकी

बाजार अनुसंधान करते समय, आपको अपने लक्षित बाजार में उपभोक्ताओं के जनसांख्यिकीय वितरण को समझने पर ध्यान देना चाहिए क्योंकि इससे आपको एक ऐसा उत्पाद बनाने में मदद मिलेगी जो उन्हें पसंद आए। यह आपको बाजार के हितों, उपभोक्ताओं की खरीदारी की आदतों, क्रय शक्ति और उनकी प्राथमिकताओं का एक स्पष्ट विचार देता है।

अपने उपभोक्ताओं की जनसांख्यिकी को समझने से आपको एक खरीदार व्यक्तित्व बनाने में मदद मिलेगी जो आपके आदर्श ग्राहक का एक काल्पनिक प्रतिनिधित्व है। जैसा कि आप एक खरीदार व्यक्तित्व बनाते हैं, उम्र, खर्च करने की आदतों, लिंग, स्थान और आय जैसी महत्वपूर्ण जानकारी शामिल करना सुनिश्चित करें।

स्थान:

आपके व्यवसाय के स्थान और आपके ग्राहकों की भौगोलिक एकाग्रता के बीच तालमेल हासिल करना आपके उत्पाद/सेवा की सफलता के लिए महत्वपूर्ण है। इसलिए, आपके बाजार अनुसंधान में आपके व्यवसाय के लिए सर्वोत्तम भौतिक वातावरण का विस्तृत विवरण शामिल होना चाहिए और आप अपनी पसंद के कारणों का भी विवरण दे सकते हैं।

अपने व्यवसाय के लिए सही स्थान चुनने से आपकी ब्रांड दृश्यता बढ़ती है और यह आपकी मार्केटिंग को और अधिक प्रभावी बनाता है। जब आपका व्यवसाय ऐसे वातावरण में स्थित होता है जहां उसके उत्पादों और सेवाओं की अत्यधिक मांग होती है, तो आप बिक्री में वृद्धि और लाभ में वृद्धि दर्ज करेंगे।

उत्पाद:

बाजार सर्वेक्षण करने का सार अपने उत्पाद को बाजार में पेश करने से पहले उसकी व्यवहार्यता को बेहतर ढंग से समझना है। इसलिए, बाजार अनुसंधान करने में आपको अपने उत्पाद के लिए विशिष्ट जानकारी एकत्र करनी चाहिए।

आपको एक विस्तृत उत्पाद विवरण प्राप्त करना चाहिए और अपने उत्पाद के मूल्य और अद्वितीय बिक्री बिंदुओं की रूपरेखा भी तैयार करनी चाहिए।

आप उत्पाद की विशेषता तथा उसके लोगो एवं नाम जैसी अन्य जानकारी का अवलोकन भी प्राप्त कर सकते हैं।

 पूंजी:

पूंजी आपके उत्पाद को बनाने के लिए आवश्यक संपत्ति को संदर्भित करती है और यह प्रकृति में आर्थिक या वित्तीय हो सकती है। आर्थिक पूंजी में उत्पादन के लिए आवश्यक उपकरण और मशीनरी शामिल हैं जबकि वित्तीय पूंजी धन है; वह ऋण और इक्विटी है, जिसका उपयोग व्यवसाय संचालन और विस्तार में किया जाता है।

क्षेत्र परीक्षण:

वास्तविक विक्रय की स्थिति में ग्राहकों की प्रतिक्रिया का परीक्षण करने के लिए चयनित दुकानों में अपना नया उत्पाद रखने से आपको उत्पाद संशोधन करने, कीमतों को समायोजित करने या पैकेजिंग में सुधार करने में मदद मिल सकती है।

यदि आप छोटे व्यवसाय के मालिक हैं तो आप लोकल स्टोर मालिकों और वेब साइटों के साथ तालमेल स्थापित करने का प्रयास कर सकते हैं। तथा उनसे अपने उत्पादों का परीक्षण करने में मदद लें सकते हैं।

बेनामी सर्वेक्षण:

बेनामी सर्वेक्षण उपभोक्ताओं को गोपनीयता का कवच प्रदान कर सकते हैं। इस तरह का सर्वेक्षण ऐसे ग्राहकों की राय जानने के लिए उपयुक्त होते हैं जो अपनी राय सार्वजनिक साझा नहीं करना चाहते हैं।

दोनों तरह के बाजार सर्वेक्षण करना महत्वपूर्ण है, क्योंकि उनके उद्देश्य अलग-अलग हैं। प्राथमिक सर्वेक्षण आपके दर्शकों के बारे में प्रत्यक्ष परिणाम देता है, जबकि द्वितीयक सर्वेक्षण आपके प्राथमिक सर्वेक्षण से प्राप्त अंतर्दृष्टि का समर्थन करता है।

अगले लेख में पढ़ें सफल बाजार सर्वेक्षण कैसे करें ?

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