ऑनलाइन उद्यम पंजीकरण, MSME नए अपडेट्स, पंजीकरण से लाभ!

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ऑनलाइन पंजीकरण प्रक्रियाऑनलाइन उद्यम पंजीकरण, MSME नए अपडेट्स, पंजीकरण से लाभ!

“ऑनलाइन ‘उद्यम पंजीकरण’,MSME नए अपडेट्स! पंजीकरण से लाभ ” लेख में हम सूक्ष्म लघु एवं मध्यम एंटरप्राइज मंत्रालय (MSMEM) द्वारा उद्यम पंजीकरण प्रक्रिया में किए बदलाव एवं पंजीकरण से लाभ के बारे में विस्तार से जानेंगे।

नई ‘उद्यम पंजीकरण’ प्रक्रिया को जानने से पहले आपको यह जानना जरूरी है कि एमएसएमई क्या है?

MSME एमएसएमई  क्या है ? 

Micro Small and Medium Entreprise    (MSME) हिन्दी में सूक्ष्म, लघु और मध्यम एंटरप्राइज।  इसका संक्षिप्त नाम (एमएसएमई)।

विभिन्न शोधों ने यह प्रमाणित कर दिया है कि किसी भी देश का वित्तीय विकास उसके छोटे और मध्यम आकार के उद्यमों के द्वारा ही संभव होता है।

बेशक हमारे देश में भी एमएसएमई का समग्र औद्योगिक उत्पादन और निर्यात में बहुत बड़ा योगदान है। ये रोजगार के भी बेहतरीन अवसर प्रदान कर रहे हैं।

इसलिए भारत सरकार चाहती है कि अधिक से अधिक लोग एमएसएमई अपनाएं।

उन्हें आगे बढाने एवं उनकी मदद के लिए एमएसएमई MSME मंत्रालय बनाया गया है।

एवं सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम विकास (MSMED)अधिनियम भी पारित किया गया है|

एमएसएमई मंत्रालय सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यमों से संबंधित नियमों, विनियमों और कानूनों के निर्माण और प्रशासन के लिए सर्वोच्च कार्यकारी निकाय है।

एमएसएमई की उन्नति हेतु एमएसएमई मंत्रालय के माध्यम से ही भारत सरकार द्वारा अनेक प्रोत्साहन योजनाओं तथा अनुदान योजनाएं शुरू हैं।

एवं समय समय पर आवश्यक कदम उठाए जाते हैं।

 एमएसएमई की नई परिभाषा एवं उद्यम पंजीयन हेतु नए अपडेट्स

एमएसएमई मंत्रालय द्वारा, कोरोना महामारी से उत्पन्न आर्थिक संकट से निपटने तथा आत्मनिर्भर भारत अभियान के तहत एमएसएमई उद्यमों को बढ़ाने तथा सशक्त बनाने हेतु निम्न क्रांतिकारी परिवर्तन किए गए हैं।

विनिर्माण और सेवा उद्यमों के बीच अंतर को अब समाप्त कर दिया गया है।

कोई उद्यम सूक्ष्म लघु या मध्यम है, निम्न आधार पर तय किया जाएगा।

(i) माइक्रो एंटरप्राइज (Micro)- उद्यम जिनमें प्लांट एंड मशीनरी या उपकरणों में निवेश ₹1 करोड़ तक और टर्नओवर ₹5 करोड़ तक वाले विनिर्माण और सेवा उद्यमों को सूक्ष्म उद्यमों के रूप में वर्गीकृत किया जाएगा।

(ii) स्मॉल एंटरप्राइज (Small)- उद्यम जिनमें प्लांट एवं मशीनरी या उपकरण में निवेश ₹10 करोड़ से अधिक नहीं होता है और टर्नओवर ₹50 करोड़ से अधिक नहीं होता है लघु उद्यम होंगे।

(iii) मीडियम एंटरप्राइजेज (Medium)- जहां संयंत्र एवं मशीनरी या उपकरण में निवेश ₹50 करोड़ से ज्यादा  नहीं होता है और कारोबार ₹250 करोड़ से अधिक नहीं होता है, मीडियम उद्यम कहलाएंगे।

उपरोक्त उद्यमों के मामले में, लघु उद्योग मंत्रालय द्वारा निर्दिष्ट भूमि और भवन और अन्य वस्तुओं को छोड़कर संयंत्र और मशीनरी में निवेश ही मूल लागत है।

सूक्ष्म, लघु या मध्यम उद्यम के रूप में श्रेणी तय करने के लिए ऐसी सभी संस्थाओं के लिए टर्नओवर और निवेश के आंकड़ों को एक साथ और केवल कुल मूल्यों को देखा जाएगा।

कारोबार(टर्नओवर) की गणना विधि:

ऐसे उद्यम जो निवेश या टर्नओवर दोनों मानदंडों में से किसी में भी अपनी वर्तमान श्रेणी की निर्धारित उच्चतम सीमा को पार कर जाते हैं, तो वे मौजूद श्रेणी में नहीं रह सकेंगे। अगली उच्च श्रेणी में पंहुच जाएंगे।

इसी तरह किसी भी उद्यम को तब तक निचली श्रेणी में  नहीं रखा जाएगा जब तक वह अपनी वर्तमान श्रेणी के लिए निर्दिष्ट सीमा से नीचे नहीं जाता है, एवं निवेश के मानदंडों में भी कारोबार करता रहता है।

उपक्रम सूक्ष्म लघु या मध्यम है, उसके टर्नओवर की गणना करते समय वस्तुओं या सेवाओं या दोनों के निर्यात को उसके टर्नओवर में नहीं जोड़ा जायेगा,

संयंत्र और मशीनरी या उपकरण या टर्नओवर या दोनों में निवेश के संदर्भ में एक परिवर्तन और परिणामी पुन: वर्गीकरण के मामले में, एक उद्यम पंजीकरण के वर्ष के करीब से उस वर्ष की समाप्ति तक अपनी मौजूदा स्थिति बनाए रखेगा।

ऐसे उद्यम के कारोबार संबंधी आंकड़े जिनके पास पैन नहीं है, को 31 मार्च, 2021 तक की अवधि के लिए स्व-घोषणा के आधार पर माना जाएगा और उसके बाद, पैन और जीएसटीआईएन होना अनिवार्य हो गया है।

किसी उद्यम के स्नातक (निम्न से उच्च श्रेणी में आने) या रिवर्स-ग्रेजुएशन (स्थित श्रेणी से नीचे की ओर खिसकने) के मामले में, स्थिति में परिवर्तन का एक संचार उद्यम को भेजा जाएगा।

किसी उद्यम के रिवर्स-ग्रेजुएशन के मामले में उद्यम  वित्तीय वर्ष के अंत तक अपनी वर्तमान श्रेणी में ही जारी रहेगा।

रिवर्स-ग्रेजुएशन चाहे किसी भी कारण से हो रहा हो 1) पुन: वर्गीकरण के परिणाम स्वरूप ।

2) संयंत्र और मशीनरी या उपकरण या टर्नओवर या दोनों में निवेश में वास्तविक बदलाव के कारण।

3) या उद्यम अधिनियम के तहत पंजीकृत है या नही।

रिवर्स-ग्रेजुएशन का लाभ अगले वित्तीय वर्ष की 1अप्रैल से दिया जावेगा।

महत्वपूर्ण जो आपको जानना जरूरी है

सरकार ने उद्यम पंजीकरण को अधिक सुविधाजनक बनाने हेतु एक पूर्ण प्रणाली विकसित की है।

इसे शुरू करने का मुख्य उद्देश्य पंजीकरण प्रक्रिया को आसान बनाकर उसमें लगने वाले समय को कम करना है।

भारत सरकार एवं सरकार की एकल खिड़की प्रणाली के इस उद्यम पंजीकरण पोर्टल के सिवाय , कोई अन्य निजी ऑनलाइन या ऑफलाइन प्रणाली, सेवा, एजेंसी या व्यक्ति एमएसएमई पंजीकरण करने या प्रक्रिया संबंधित किसी भी गतिविधि को करने के लिए अधिकृत नहीं है।

उद्यम पंजीकरण उद्योग आधार पंजीकरण का अद्यतन संस्करण है और यह एमएसएमई पंजीकरण प्राप्त करने का नया तरीका है।

इस प्रणाली में किसी भी सूक्ष्म लघु एवं मध्यम इकाईयों  को अब उद्यम के नाम से जाना जाएगा।

रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया को अब उद्यम पंजीकरण नाम दिया गया है।

यदि आप पहले से ही एमएसएमई /उद्योग आधार पंजीकृत हैं तो भी आपको अपने पंजीकरण को नए ‘उद्यम पंजीकरण’ में अपडेट कराना होगा।

पंजीकरण प्रक्रिया पूरी तरह से मुफ्त है। किसी को कोई लागत या शुल्क का भुगतान नहीं करना है।

उद्यम पंजीकरण के बाद, कोई भी उद्यम सूक्ष्म लघु एवं मध्यम एंटरप्राइज डेवलपमेंट(MSMED) अधिनियम के अधीन निर्दिष्ट लाभों को प्राप्त करने के योग्य हो जाएगा।

आइए जानते हैं, उद्यम पंजीकरण में नया क्या है?

उद्यम पंजीकरण के लिए सूक्ष्म लघु एवं मध्यम मंत्रालय द्वारा आनलाइन पोर्टल शुरू किया गया है।

आप यहां एक नए पंजीकरण के लिए आवेदन कर सकते हैं या उद्यम पंजीकरण के लिए अपने मौजूदा पंजीकरण को स्थानांतरित करने का विकल्प चुन सकते हैं।

नई उद्यम पंजीकरण प्रक्रिया पूरी तरह से ऑनलाइन, निःशुल्क, पेपरलेस और स्व-घोषणा पर आधारित है।

इसमें पंजीकरण करते समय किसी दस्तावेज या प्रमाण  को अपलोड करने की भी जरूरत नहीं है।

 उद्यम पंजीकरण के लिए जरूरी दस्तावेज।

उद्यम पंजीकरण के लिए केवल आधार संख्या की जरूरत होगी जो आपके मोबाइल नंबर के साथ लिंक्ड जुड़ा हुआ हो।

12 अंकों का आधार नंबर, पैन कार्ड, जीएसटी आई एन
GSTIN विवरण।

उद्यमों के निवेश और टर्नओवर से संबंधित विवरण सरकारी डेटा बेस से जुड़े पैन और जीएसटी आईएन से  स्वचालित रूप से प्राप्त कर लिए जाएंगे।

 ई-प्रमाणपत्र उद्यम रजिस्ट्रेशन नंबर यू आर एन जारी होना।

पंजीकरण प्रक्रिया पूरी होने पर उद्यम को एक उद्यम पंजीकरण संख्या (यूआरएन) आबंटित किया जाएगा।अर्थात्, एक ई-प्रमाण पत्र जारी किया जाएगा।

यह प्रमाण पत्र, संरचना के आवास के पते पर बनाया जाएगा। तथा इसे उद्यम पंजीकरण के लिए दाखिल करते समय पंजीकृत ईमेल एड्रेस पर भेजा जाएगा।

इस प्रमाणपत्र में एक गतिशील QR कोड होगा जिससे  पोर्टल पर वेब पेज और उद्यम के बारे में विवरण प्राप्त किए जा सकेंगे।

पंजीकरण के नवीनीकरण की कोई आवश्यकता नहीं होगी।

सामान और सेवा कर पहचान संख्या (GSTIN) के साथ एक ही स्थायी खाता संख्या (PAN) के अंतर्गत सूचीबद्ध सभी इकाइयों को सामूहिक रूप से एक उद्यम के रूप में माना जाएगा।

 अवश्य जानना चाहिए।

अब लघु उद्योग आसानी से माइक्रो स्मॉल मीडियम एंटरप्राइज या एमएसएमई के तहत खुद को पंजीकृत कर सकते हैं।

इससे पहले उद्योग आधार पंजीकरण प्रक्रिया भ्रामक और समय लेने वाली थी, कई श्रेणियों और कई पृष्ठों से गुजरना होता था।

साथ-साथ इसके लिए बहुत सारी कागजी कार्रवाई और पोर्टल पर दस्तावेज अपलोड करने की आवश्यकता थी।

अब उद्यम पंजीयन के लिए एमएसएमई के तहत पंजीकरण करने के लिए एकल खिड़की, कागज रहित प्रक्रिया, कोई अतिरिक्त दस्तावेज या प्रमाणपत्र की आवश्यकता नहीं है।

उद्योग पंजीकरण के लिए आधार संख्या आवश्यक होगी।

आधार कार्ड  किसी फर्म या कंपनी को कभी भी  जारी नहीं किया जाता है।

उद्यम पंजीकरण प्राप्त करने के लिए प्रोपराइटर/ कर्ता /पार्टनर / निदेशक या फर्म / कंपनी / संगठन के अधिकृत प्रतिनिधि के आधार  नंबर के साथ अपना जीएसटी आईएन और पैन का उपयोग कर  करेंगे।

कोई भी उद्योग एक से अधिक उद्यम पंजीकरण दर्ज नहीं करेगा, परंतु विनिर्माण या सेवा सहित किसी भी संख्या में गतिविधियाँ एक उद्यम पंजीकरण में निर्दिष्ट या जोड़ी जा सकती हैं।

एमएसएमई अधिनियम की धारा 27 के तहत उद्यम पंजीकरण या अपडेशन प्रक्रिया में जानबूझकर गलत तरीके से जानकारी  प्रस्तुत करने पर या स्व-घोषित तथ्यों और आंकड़ों को गलत या छुपाने का प्रयास करने पर पंजीकरण नकारात्मक हो जाएगा । एवं निर्दिष्ट दंड के लिए उत्तरदायी होगा।

 उद्यम पंजीकरण से लाभ :

उद्यम पंजीकरण कराने पर आपका एंटरप्राइज केंद्र एवं राज्य सरकार द्वारा सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यमों को समय-समय पर उपलब्ध कराई गई सभी योजनाओं का लाभ  प्राप्त कर सकता है।

एमएसएमई को, बैंकिंग कानून, आबकारी कानून और प्रत्यक्ष कर कानून ने अपनी छूट सूचनाओं में शामिल किया है। पात्रता अनुसार लाभ ले सकते हैं।

पंजीकृत व्यवसायों को सरकारी लाइसेंस और प्रमाणन के लिए प्राथमिकता दी जाती है।

पंजीकरण के बाद, आपका इन्टरप्राइज पेटेंट ट्रेडमार्क को कम लागत पर पजीयन कर सकता है। पेटेंट के पंजीकरण के लिए 50% तक की सब्सिडी का लाभ उठाया जा सकता है |

आपके एंटरप्राइज के लिए संपार्श्विक की आवश्यकता के बिना सस्ते व्यवसाय ऋण की उपलब्धता, बैंक ऋण पर ब्याज दर अनुदान (सब्सिडी) आदि सरलता से उपलब्ध रहते हैं।

 मुद्रा ऋण योजना के लिए पात्रता:

एमएसएमई पंजीकरण आप मुद्रा ऋण योजना के लिए पात्र होने के लिए मदद करता है।

उत्पाद शुल्क में छूट योजना, प्रत्यक्ष कर कानून के तहत छूट एवं आरक्षण जैसे सांविधिक समर्थन और विलंबित वेतन अधिनियम पर ब्याज की आसान मंजूरी शामिल है।

एमएसएमई के लिए राज्य सरकार द्वारा प्रदान किए गए कुछ लाभों में विशेष औद्योगिक संपदा, कर सब्सिडी, बिजली शुल्क सब्सिडी, पूंजी निवेश सब्सिडी और अन्य सहायता का विकास शामिल है।

एमएसएमई पंजीकरण आपको किसी भी लंबित भुगतान के लिए आसान निकासी बनाने के लिए मदद करता है।

आपका इन्टरप्राइज को सरकारी निविदाओं तक पहुँच प्राप्त हो जाती है। आप सरकारी निविदाओं के लिए आवेदन करते समय अनुपस्थित होने के लाभों से लाभ प्राप्त कर सकते हैं।

आपका एंटरप्राइज बैंक से मुक्त बीमा क्रेडिट कर सकता है।

उद्यमी इसी तरह स्टांप बाध्यताओं और आय व्यय की गारंटी दे सकता है।

ISO प्रतिपूर्ति योजना के तहत प्रतिस्पर्धा और विकास को मजबूत करने के लिए ISO 9000, 14001, और एचएसीसीपी प्रमाणीकरण प्राप्त करने पर वित्तीय सहायता प्रदान की जाती है।

NSIC प्रायोजकों और वित्तीय आकलन से लाभान्वित होगा एवं औद्योगिक प्रोत्साहन सब्सिडी (IPS) सब्सिडी  क्रेडिट रेटिंग शुल्क सब्सिडी की पात्रता होगी।

चयनात्मक कोडांतरण के लिए वस्तुओं के MSME और SSI द्वारा आरक्षण।

सरकारी सुरक्षा जमा (EMD) छूट (भाग लेते समय उपयोगी)

बारकोड पंजीकरण सब्सिडी

Msme पंजीकृत इकाई CLCSS (क्रेडिट लिंक्ड कैपिटल सब्सिडी स्कीम) के लिए पात्र हो जाती है

दुनिया भर में व्यापार मेलों मे शामिल होकर आयोजन का हिस्सा बन सकते हैं। 

संशोधित के रूप में MSME पंजीकरण प्रक्रिया के बारे में कुछ तथ्य:

आप एक से अधिक उद्योग के लिए पंजीकरण करना चाहते हैं तो आपको व्यक्तिगत पंजीकरण का विकल्प चुनना  बेहतर होगा।

आवेदन एक 24-सूत्रीय प्रश्नावली है जिसमें एप्लायर का विवरण शामिल है।

जो केवल अधिकृत हस्ताक्षरकर्ता के विवरण के साथ-साथ व्यक्तिगत, या कंपनी या निकाय व्यवसाय का रूप हो सकता है।

आवेदन जमा करने के बाद, आपके द्वारा भरे एंटरप्राइज के विवरण, पैन नंबर एवं जीएसटीआईएन के द्वारा संशोधित निवेश और टर्नओवर भी सत्यापित किए जा सकते हैं।

आप एक छोटे मध्यम उद्यम के मालिक हैं, एवं आपने अभी तक अपने व्यवसाय को एमएसएमई मंत्रालय के तहत पंजीकृत नहीं कराया है;

तो इसे अभी ऑनलाइन पंजीकृत करने और विभिन्न लाभों का लाभ उठाने का यह सबसे अच्छा मौका है।

 ऑनलाइन उद्यम रजिस्ट्रेशन पोर्टल।

यदि आप आवेदन पत्र में सही और पूरी जानकारी प्रदान करते हैं तो कोई भी आवेदन अस्वीकार नहीं किया जाता है।

https://udyamregistration.gov.in/Government-India/Ministry-MSME-registration.htm

इस होम पेज पर आपको “नए उद्यमी जो अभी तक MSME से पंजीकृत नहीं हैं, का ऑप्शन दिखाई देगा।

आपको इस ऑप्शन पर क्लिक करना होगा। ऑप्शन पर क्लिक करने के बाद आपके सामने अगला पेज खुल जायेगा।

इस पेज पर आपको रजिस्ट्रेशन फॉर्म दिखाई देगा। आपको इस रजिस्ट्रेशन फॉर्म में आधार नंबर और उद्यम का नाम डालना होगा और Verification & Generate OTP पर क्लिक करना है

जिसके बाद मोबाइल पर प्राप्त हुए OTP के माध्यम से आगे बढ़ना है।

OTP भरने के बाद अगले पेज पर Type of organization, enter PAN number and validate PAN Card आदि भरना होगा |इसके बाद आपको उद्यम रजिस्ट्रेशन फॉर्म में बाकी की पूछी गई जानकारी को भरना होगा।

इस तरह आपको आवेदन पूरा हो जायेगा ।

 उद्योग आधार रजिस्ट्रेशन अपडेट करने की प्रक्रिया

 मौजूदा उद्यम का पंजीकरण:

जिन लोगों के पास ईएम-द्वितीय EM- II या यूएएम UAM पंजीकरण या एमएसएमई मंत्रालय के तहत किसी भी प्राधिकरण द्वारा जारी किया गया कोई अन्य पंजीकरण है, उन्हें खुद को फिर से पंजीकृत करना है।

30 जून, 2020 तक पंजीकृत सभी उद्यमों को फिर से वर्गीकृत किया जाएगा। इनका पंजीयन केवल  31 मार्च, 2021 की अवधि तक मान्य रहेगा।

उद्योग पंजीकरण संख्या वाले सभी उद्यम उद्योग सूचना पोर्टल में अपनी जानकारी को ऑनलाइन अपडेट कर सकते हैं।

EM-II or UAM में पंजीकृत उद्योगों के लिए उद्यम रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया

सबसे पहले आपको ऑफिसियल वेबसाइट पर जाना होगा | ऑफिसियल वेबसाइट पर जाने के बाद आपके सामने होम पेज खुल जायेगा।

इस होम पेज पर आपको For those already having registration as EM-II or UAM  का ऑप्शन दिखाई देगा।

आपको इस ऑप्शन पर क्लिक करना होगा। विकल्प पर क्लिक करने के बाद आपके  सामने  EM-II or UAM में पंजीकृत उद्योगों के लिए ऑनलाइन आवेदन फॉर्म खुल जाएगा।

इस फॉर्म में आपको उद्योग आधार नंबर डाल कर OTP से सत्यापित करके आगे बढ़ना होगा।

इस तरह उद्यम रजिस्ट्रेशन प्रोसैस पूरा हो जायेगा।

इसमें पिछले वित्तीय वर्ष की आईटीआर,जीएसटी रिटर्न का विवरण तथा अन्य अतिरिक्त आवश्यक जानकारी आप स्व-घोषणा के आधार पर शामिल कर सकते हैं।

आनलाइन उद्यम पंजीकरण पोर्टल पर निर्धारित समय में उद्यम से संबंधित आवश्यक जानकारी अपडेट नहीं होने पर उद्यम की स्थिति निलंबित कर दी जाएगी।

एकल खिड़की प्रणाली

एमएसएमई मंत्रालय ने जिला स्तर और क्षेत्रीय स्तर पर एकल खिड़की प्रणाली के रूप में एमएसएमई के लिए एक मजबूत सुविधा तंत्र भी स्थापित किया है।

चैंपियंस कंट्रोल रूम (सीआरसी) और (डीआईसी) जिला उद्योग केंद्र इस सिंगल विंडो सिस्टम में आपको पंजीयन प्रक्रिया में मदद एवं सूचना प्रदान करेंगे।

ये उन उद्यमियों की भी मदद करेंगे, जो किसी भी कारण से उद्यम पंजीकरण दर्ज करने में सक्षम नहीं हैं।

जिला स्तर पर, जिला उद्योग केंद्रों को उद्यमियों की सुविधा के लिए जिम्मेदार बनाया गया है।

जिन लोगों के पास वैध आधार नंबर नहीं है, वे इस सुविधा के लिये एकल आधार प्रणाली से संपर्क कर सकते हैं।

आधार नामांकन अनुरोध या पहचान के साथ, बैंक फोटो पासबुक, वोटर आईडी कार्ड, पासपोर्ट या ड्राइविंग लाइसेंस और सिंगल विंडो सिस्टम उन्हें आधार संख्या प्राप्त करने के बाद पंजीकरण करने में सुविधा प्रदान करेगा।

आपको हमारा यह लेख कैसा लगा कमेंट्स द्वारा जरूर बताएं। इस संबंध में आप कुछ पूछना चाहते हैं तो कमेंट्स बाक्स के जरिए आपका स्वागत है।

फिर मिलते हैं, एक नए टापिक के साथ तब तक के लिए बाय-

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